गुवाहाटी, 17 फरवरी।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेन बोरा ने अपनी ही पार्टी की आंतरिक स्थिति पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि गुटबाजी और विवादों ने संगठन को भीतर से कमजोर कर दिया है। पार्टी से इस्तीफा देने के एक दिन बाद बोरा ने आरोप लगाया कि हाल की घटनाओं ने कांग्रेस की “खोखली संरचना” उजागर कर दी है। उन्होंने सांसद गौरव गोगोई से जुड़े कथित पाकिस्तान लिंक विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मुद्दे ने पार्टी के भीतर हलचल मचा दी और वरिष्ठ नेताओं के बीच अविश्वास बढ़ाया। बोरा ने गौरव गोगोई और रकिबुल हुसैन के गठजोड़ पर भी सवाल उठाए और कहा कि नेतृत्व की अंदरूनी खींचतान और आपसी प्रतिस्पर्धा के कारण जमीनी स्तर पर संगठन की ताकत घट रही है। इसके अलावा, उन्होंने विपक्षी एकजुटता में मतभेद और रणनीति के टकराव का भी जिक्र किया, जिससे व्यापक गठबंधन की संभावनाओं पर असर पड़ा और कार्यकर्ताओं व समर्थकों में भ्रम पैदा हुआ। उन्होंने खुलासा किया कि हाल ही में उनके आवास पर हुई बैठक में वरिष्ठ नेता देबब्रत सैकिया और प्रद्युत बरदलै ने गौरव गोगोई से कड़ी आपत्ति जताई, जो पार्टी के भीतर गहराते मतभेदों को दर्शाता है। अंत में, बोरा ने संकेत दिया कि वह जल्द ही कांग्रेस के आंतरिक विवादों पर और खुलकर बोलेंगे, जिससे पार्टी के भीतर और हलचल तेज हो सकती है।



