गुवाहाटी, 16 मार्च।
असम में विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है और कांग्रेस के भीतर घमासान दिख रहा है। टिकट से वंचित उम्मीदवार पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ कर रहे हैं, वहीं नगांव संसदीय सीट से सांसद प्रद्युत बोरदोलोई की नाराजगी भी सामने आ गई है।
15 मार्च को बोरदोलोई ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को अल्टीमेटम जारी किया। उन्होंने लाहोरीघाट विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार चयन को लेकर पार्टी से इस्तीफा देने की धमकी दी। पत्र में बोरदोलोई ने गहरी पीड़ा व्यक्त की और सीधे तौर पर असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख गौरव गोगोई और वरिष्ठ नेता इमरान मसूद पर आरोप लगाया कि उम्मीदवार के मुद्दे पर चर्चाओं के दौरान उन्हें अपमानित किया गया।
असम कांग्रेस प्रभारी एआईसीसी महासचिव जितेंद्र सिंह को लिखे पत्र में बोरदोलोई ने "दर्द और पीड़ा" जताई। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व मौजूदा विधायक आसिफ मोहम्मद नज़र की उम्मीदवारी के संबंध में उनके बार-बार उठाए गए मुद्दों पर ध्यान देने में विफल रहा।
ज्ञात हो कि बोरदोलोई कांग्रेस के कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं, लेकिन अब पार्टी में उन्हें अलग-थलग होते देखा जा रहा है। उन्होंने पत्र में कहा कि हाल के घटनाक्रमों ने उन्हें बहुत आहत किया।
नगांव सांसद ने आरोप लगाया कि उनकी चिंताएं अप्रैल 2025 में हुए एक हिंसक हमले से जुड़ी हैं। बोरदोलोई के अनुसार, नगांव पुलिस ने इमदादुल इस्लाम को गिरफ्तार कर चार्जशीट दायर की। उन्होंने इमदादुल को लाहोरीघाट का "हिस्ट्री-शीटर" और विधायक आसिफ नज़र का करीबी सहयोगी बताया। बोरदोलोई ने कहा कि इमदादुल उनके ऊपर हुए हमले का कथित मुख्य साजिशकर्ता था।
पत्र में उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को समय-समय पर कांग्रेस हाई कमान तक पहुंचाया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बोरदोलोई पार्टी छोड़ सकते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा पहले ही कह चुके थे कि कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ हो रही राजनीति से आहत होकर कई नेता पार्टी छोड़ सकते हैं। इस कड़ी में उन्होंने बोरदोलोई समेत अन्य नेताओं का नाम भी लिया था। ताजा घटनाओं को देखते हुए उनकी भविष्यवाणी सही साबित होती नजर आ रही है।



