सीवान, 6 मार्च।
सीवान जिले के सराय ओपी थाना क्षेत्र में गुरुवार रात करीब दस बजे हुई एक घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। बाईपास सड़क पर ट्रैक्टर और स्कॉर्पियो की मामूली टक्कर के बाद उग्र भीड़ ने डॉक्टर दम्पति और उनके परिवार पर हमला कर दिया। हमलावरों ने ईंट-पत्थरों से दो स्कॉर्पियो को क्षतिग्रस्त कर दिया और डॉक्टर दम्पति समेत तीन लोगों को घायल कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि लगभग आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।
घटना सराय ओपी थाना क्षेत्र के मटुक छपरा गांव के पास की बताई जा रही है। घायलों में मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के श्रीनगर निवासी बैजनाथ प्रसाद के 40 वर्षीय पुत्र डॉ. राजेश रंजन, उनकी पत्नी स्वेता रंजन और बेटा हर्षित रंजन शामिल हैं। सभी घायलों का उपचार सीवान सदर अस्पताल में जारी है।
बताया गया कि डॉ. राजेश रंजन अपनी पत्नी और बच्चों के साथ होली मनाने सीवान आए थे। गुरुवार रात वे अपनी स्कॉर्पियो से पटना लौट रहे थे और स्वयं गाड़ी चला रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी बाईपास पर मटुक छपरा गांव के पास पहुंची, उसी समय एक ट्रैक्टर चालक कथित तौर पर नशे की हालत में वाहन चला रहा था।
डॉ. राजेश रंजन के अनुसार, उन्होंने ट्रैक्टर को ओवरटेक करने की कोशिश की, तभी दोनों वाहनों में हल्की टक्कर हो गई। टक्कर के बाद ट्रैक्टर चालक वहां से भागने लगा। डॉक्टर ने उसका पीछा कर ट्रैक्टर रोककर उससे पूछताछ करने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान मामला अचानक हिंसक हो गया।
बताया जाता है कि ट्रैक्टर चालक स्थानीय गांव का निवासी था। उसे रोकने पर गांव के लोग आक्रोशित हो गए और देखते ही देखते बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने डॉक्टर की स्कॉर्पियो पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। सूचना मिलने पर डॉक्टर के परिजन दूसरी स्कॉर्पियो से वहां पहुंचे, लेकिन उग्र भीड़ ने दोनों गाड़ियों को निशाना बना लिया। हमलावरों ने दोनों स्कॉर्पियो के शीशे तोड़ दिए और जमकर पथराव किया।
इस हमले में डॉ. राजेश रंजन, उनकी पत्नी स्वेता रंजन और बेटा हर्षित रंजन घायल हो गए। किसी तरह जान बचाकर सभी लोग वहां से निकलकर सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उनका इलाज चल रहा है। स्वेता रंजन, बिहार के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और सदर विधायक अवध बिहारी चौधरी की भतीजी हैं, जबकि डॉ. राजेश रंजन पटना में निजी क्लिनिक चलाते हैं।
आधे घंटे तक बवाल, पुलिस नदारद
घटना के बाद सराय ओपी थाना की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। बाईपास सड़क को जिले का संवेदनशील इलाका माना जाता है और यहां नियमित गश्त का दावा किया जाता है। इसके बावजूद करीब आधे घंटे तक खुलेआम पथराव और तोड़फोड़ होती रही, लेकिन पुलिस का कोई जवान मौके पर नहीं पहुंचा।
इसी इलाके में शाम को हुई थी गोलीबारी
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसी इलाके में कुछ दूरी पर उसी शाम एक युवक को दौड़ाकर गोली मारने की घटना भी हुई थी। पुलिस उस मामले में छापेमारी की बात कह रही थी, लेकिन रोडरेज की इस बड़ी वारदात की जानकारी तक पुलिस को नहीं मिल सकी।
पुलिस का औपचारिक जवाब
इस मामले में सराय ओपी प्रभारी एवं प्रशिक्षु डीएसपी ऋषभ आनंद ने बताया कि घटना की सूचना मिली है। डायल 112 और गश्ती दल को मौके पर भेजा गया था और पूरे मामले की जांच की जा रही है।



