नई दिल्ली, 16 मार्च 2026।
चुनाव आयोग ने असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों की अधिसूचना सोमवार को जारी कर दी, साथ ही गोवा, कर्नाटक, नगालैंड और त्रिपुरा की पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की प्रक्रिया भी शुरू कर दी।
आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और मुख्य चुनाव अधिकारियों को तत्काल आचार संहिता लागू करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने सरकारी, सार्वजनिक और निजी संपत्ति के चुनावी दुरुपयोग पर रोक लगाई है और नागरिकों के घरों के बाहर प्रदर्शन या धरना देने पर भी प्रतिबंध लगाया है।
चुनाव आयोग ने शिकायत निवारण के लिए 1950 कॉल सेंटर और सी-विजिल ऐप के माध्यम से मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया है। इसके अलावा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 5173 से अधिक फ्लाइंग स्क्वॉड और 5200 से अधिक स्टैटिक सर्विलांस टीम तैनात की गई हैं।
राजनीतिक दलों को मीटिंग और जुलूस से पहले पुलिस अधिकारियों को सूचित करना अनिवार्य होगा और लाउडस्पीकर या अन्य सुविधाओं के लिए जरूरी अनुमति लेना आवश्यक है। मंत्री चुनाव प्रचार के दौरान आधिकारिक काम या सरकारी संसाधनों का उपयोग नहीं करेंगे।
आयोग ने सभी अधिकारियों को आचार संहिता लागू करने, सभी दलों के साथ समान व्यवहार करने और आधिकारिक सुविधाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चुनाव प्रचार के लिए सार्वजनिक जगहों के उपयोग हेतु सुविदा मॉड्यूल डिजिटल प्लेटफॉर्म को सक्रिय कर दिया गया है।
15 मार्च को चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं की तिथियां घोषित की थीं। 9 अप्रैल को असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होंगे। इसके साथ ही गोवा, कर्नाटक, नगालैंड और त्रिपुरा की सीटों पर उपचुनाव भी होंगे। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को विधानसभा चुनाव और पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान होगा। इसी दिन गुजरात और महाराष्ट्र की सीटों पर उपचुनाव भी होंगे। पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा और 4 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे।



