कोलकाता, 16 मार्च।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा के कुछ ही घंटों में राज्य के प्रशासनिक तंत्र में बड़ा फेरबदल किया गया। भारत निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को उनके पदों से हटा दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक दोनों अधिकारी किसी भी चुनाव संबंधी कार्य में शामिल नहीं होंगे।
निर्वाचन आयोग ने नंदिनी चक्रवर्ती की जगह 1993 बैच के आईएएस अधिकारी दुश्मंत नारियाला को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। वहीं, 1997 बैच की आईएएस अधिकारी संघमित्रा घोष को राज्य का नया गृह सचिव बनाया गया है। आयोग ने दोनों अधिकारियों को सोमवार दोपहर तीन बजे तक कार्यभार संभालने का निर्देश दिया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव कार्यक्रम रविवार को घोषित किया गया और उसी दिन प्रशासनिक बदलाव किए गए। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है, जिसके तहत निर्वाचन आयोग को प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले और नियुक्ति का विशेष अधिकार प्राप्त है।
निर्वाचन आयोग पहले भी चुनाव के दौरान राज्य के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में बदलाव करता रहा है। चुनाव से पहले पुलिस अधीक्षक और कोलकाता पुलिस आयुक्त तक को बदला गया है। गृह सचिव स्तर पर भी पहले परिवर्तन हुए हैं, लेकिन मुख्य सचिव स्तर पर हाल के वर्षों में ऐसा दुर्लभ रहा है।
2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान आयोग ने तत्कालीन गृह सचिव अत्रि भट्टाचार्य को पद से हटाया था। उस समय आरोप था कि उनके कुछ कदम आयोग के निर्देशों के अनुरूप नहीं थे। उसी चुनाव में सीआईडी के अतिरिक्त महानिदेशक राजीव कुमार को भी उनके दायित्व से हटा दिया गया था।
नए मुख्य सचिव दुश्मंत नारियाला इससे पहले राज्य के उत्तर बंगाल विकास विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी संभाली है और सिंचाई विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी देखा।
नई गृह सचिव संघमित्रा घोष पहले महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रधान सचिव रही हैं। इस दौरान उन्होंने राज्य की महिला और बाल कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न सामाजिक योजनाओं के प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभाली।
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर इस बार दो चरणों में मतदान होगा। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को 142 सीटों पर होगा। मतगणना चार मई को होगी।
हाल के चुनावों की तुलना में इस बार कम चरणों में मतदान कराया जा रहा है। 2021 के विधानसभा चुनाव आठ चरणों में हुए थे, जबकि पिछले कई चुनावों में छह से सात चरणों में मतदान हुआ था।



