इस्लामाबाद/काबुल, 28 फरवरी 2026।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर जारी संघर्ष ने युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। दोनों देशों के बीच हुई ताजा झड़पों में अब तक 325 से अधिक लोगों की मौत की खबर है। इस्लामाबाद का दावा है कि इस लड़ाई में 270 अफगान तालिबानी और आतंकवादी मारे गए हैं, जबकि काबुल का कहना है कि उसके 55 से अधिक सैनिकों को मार गिराया गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि अब उनके देश के सब्र का बांध टूट चुका है और अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग की घोषणा कर दी गई है। आसमान में युद्धक विमानों की गूंज और बम धमाकों से पूरा इलाका दहल उठा है।
रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान की सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया समेत अफगानिस्तान के कई इलाकों पर हवाई हमले किए हैं। वहीं अफगान तालिबान सेना ने डूरंड रेखा पर पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर हमला कर जवाबी कार्रवाई की बात कही है। इस झड़प में अफगान पक्ष ने 55 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने और दो सैन्य बेस तथा 19 चौकियों को नष्ट करने का दावा किया है। साथ ही एक टैंक को भी नष्ट करने की बात कही गई है। इस संघर्ष में आठ तालिबानी लड़ाके भी मारे गए बताए गए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इस संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए तुरंत हिंसा रोकने की अपील की है।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि यह संघर्ष 26 फरवरी की रात आठ बजे शुरू हुआ था। अफगान सैनिकों ने पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी सीमा क्षेत्रों में पाकिस्तान की चौकियों को निशाना बनाया। बाद में तालिबान सेना प्रमुख के आदेश पर आधी रात को कार्रवाई रोक दी गई। वहीं पाकिस्तान की सैन्य जनसंपर्क शाखा ने इस अभियान को गजब-लिल-हक नाम दिया है और कहा है कि देश की सेना पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं पर खतरों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। पाकिस्तान की ओर से 274 लड़ाकों के मारे जाने और 400 से अधिक के घायल होने का दावा भी किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस संघर्ष पर प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का समर्थन जताया है। वहीं ब्रिटेन ने अपने नागरिकों को पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के कुछ हिस्सों में यात्रा से बचने की सलाह दी है। रेडक्रॉस ने भी दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। पाकिस्तान सेना ने दावा किया है कि दुश्मन के 73 ठिकानों को नष्ट कर 18 पर कब्जा किया गया है, जबकि 115 टैंक, बख्तरबंद वाहन और तोपें नष्ट कर दी गई हैं। इस अभियान में पाकिस्तान के 12 सैनिक शहीद और 27 घायल हुए हैं तथा एक सैनिक लापता बताया जा रहा है।



