तेहरान, 05 मार्च।
अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के बाद पूरा मध्य पूर्व युद्ध जैसी स्थिति से गुजर रहा है। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई और उनके परिवार के कुछ सदस्यों की मौत होने की खबर है। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए हैं कि खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े सभी कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं। युद्ध की इस आग में भारी तबाही की खबरें सामने आ रही हैं। इसी क्रम में हिंद महासागर क्षेत्र में एक ईरानी युद्धपोत को निशाना बनाकर श्रीलंका के पास डुबो दिया गया, जिसमें 87 ईरानी नौसैनिकों की मौत हो गई। इस संघर्ष में शामिल देशों के बीच लगातार धमकियों और चेतावनियों का दौर जारी है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि यह संघर्ष लंबा चल सकता है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इजराइल की ओर से हमले जारी रहे तो वह इजराइल के डिमोना परमाणु केंद्र को निशाना बना सकता है। वहीं ईरान की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों के कारण मध्य इजराइल में पूरी रात सायरन बजते रहे। इजराइली रक्षा बलों ने नागरिकों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है। इसके बाद इजराइल ने बेरूत में हिजबुल्लाह के गढ़ पर भी हमला किया।
इजराइल की मैगन डेविड एडोम एंबुलेंस सेवा के अनुसार ईरान की ओर से किए गए नए बैलिस्टिक मिसाइल हमले में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है। दूसरी ओर कतर ने एहतियात के तौर पर अमेरिकी दूतावास के आसपास के क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि अपने नागरिकों को निकालने के लिए विशेष उड़ान मध्य पूर्व से रवाना हो चुकी है, जो युद्ध शुरू होने के बाद पहली उड़ान बताई जा रही है। विभाग ने यह भी कहा कि आने वाले समय में ऐसी उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाएगी। संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सऊदी अरब और इजराइल में रह रहे लोगों को स्वदेश लौटने के लिए पंजीकरण करने की सलाह दी गई है।
इजराइल ने कहा है कि उसने तेहरान के साथ-साथ बेरूत में हिजबुल्लाह से जुड़े ढांचों को निशाना बनाकर हमले शुरू कर दिए हैं। वहीं ईरान ने दावा किया है कि उसने बहरीन में एक बड़े डेटा केंद्र पर ड्रोन हमला किया है। इस बीच अमेरिका में रिपब्लिकन नेताओं ने उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें राष्ट्रपति को तेहरान के खिलाफ भविष्य की सैन्य कार्रवाई से पहले संसद की अनुमति लेने की आवश्यकता बताई गई थी। अमेरिकी रक्षा विभाग ने कुवैत में हुए एक ड्रोन हमले में मारे गए अपने दो सैनिकों की पहचान भी कर ली है।
एक मानवाधिकार संगठन के अनुसार अमेरिका और इजराइल के हमलों में अब तक ईरान के भीतर एक हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को और तेज कर दिया गया है और तुर्किये से लेकर श्रीलंका तक मौजूद ईरानी सैन्य संसाधनों को निशाना बनाया जा रहा है। इजराइल भी तेहरान और लेबनान में लगातार हमले कर रहा है। इसी बीच ईरानी सरकार ने घोषणा की कि अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम तीन दिन के लिए टाल दिया गया है।
अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि उम्मीद है कि अगले दो दिनों में लगभग 6,500 लोग मध्य पूर्व से अपने देशों में लौट जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत उड़ानों की संख्या बढ़ाने के अलावा अन्य विकल्पों पर भी काम किया जा रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि अमेरिका ने भारत से लौट रहे एक ईरानी युद्धपोत को श्रीलंका के पास निशाना बनाकर डुबो दिया। इस हमले में 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए, जबकि 32 घायल हुए हैं। श्रीलंका की नौसेना ने घायलों को बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया। बताया गया कि जहाज पर करीब 180 नौसैनिक सवार थे और यह पिछले महीने विशाखापत्तनम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद लौट रहा था। श्रीलंकाई अधिकारियों के अनुसार बुधवार सुबह लगभग छह से सात बजे के बीच यह जहाज दक्षिणी श्रीलंका के गाले शहर से करीब 40 समुद्री मील दूर था।
अमेरिका ने जानकारी दी कि 28 फरवरी से अब तक 17,500 से अधिक अमेरिकी नागरिकों को मध्य पूर्व से सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। अमेरिकी विदेश विभाग के मीडिया नोट में बताया गया कि अकेले मंगलवार को ही 8,500 से अधिक लोग अमेरिका लौटे। क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए नागरिकों की सुरक्षित वापसी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। दूसरी ओर इंटरनेट निगरानी संगठन ने बताया कि ईरान लगभग 100 घंटे से इंटरनेट कनेक्टिविटी से लगभग पूरी तरह कट गया है। इस वर्ष यह दूसरी बार है जब देश में इस तरह का इंटरनेट बंद लागू किया गया है।
एक ईरानी सैन्य अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इजराइल ईरान में शासन परिवर्तन की कोशिश करते हैं तो इजराइल के डिमोना परमाणु केंद्र को निशाना बनाया जा सकता है। अधिकारी ने कहा कि ऐसी किसी भी कार्रवाई की स्थिति में दक्षिणी इजराइल में स्थित इस परमाणु सुविधा पर हमला किया जा सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार उत्तरी इराक में सक्रिय कुछ कुर्द समूह अमेरिकी समर्थन के साथ ईरान में संभावित सीमा पार सैन्य अभियान की तैयारी कर रहे हैं। बताया गया कि अमेरिकी अधिकारियों ने इन समूहों से सहयोग का अनुरोध किया है। कुर्दिस्तान फ्रीडम पार्टी के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ कुर्द बलों को सुलेमानीया प्रांत में ईरान की सीमा के नजदीक तैनात किया गया है और आदेश मिलते ही वे कार्रवाई कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संभावित सैन्य अभियान के संबंध में अमेरिकी अधिकारियों ने कुर्द विपक्षी समूहों के नेताओं से संपर्क किया था।
क्षेत्रीय तनाव को लेकर इराक के प्रमुख शिया धर्मगुरु अयातुल्ला अली अल-सिस्तानी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से स्थिति को शांत करने और संघर्ष को फैलने से रोकने के प्रयास तेज करने की अपील की है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन ने ईरान के राजदूत को तलब किया है। ब्रिटिश विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा कि क्षेत्र में तनाव बढ़ाने को लेकर तेहरान की भूमिका पर चर्चा के लिए यह कदम उठाया गया।
अमेरिकी सैन्य नेतृत्व ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में ईरान के भीतर और गहराई तक हमले किए जा सकते हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी कि तेहरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई अभी शुरुआती चरण में है और आगे इसमें और तेज कार्रवाई की संभावना है।



