09 मार्च 2026।
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 10 मार्च 1985 का दिन हमेशा यादगार रहेगा। इसी दिन सुनील गावस्कर की कप्तानी में भारतीय टीम ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए फाइनल में पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर बेंसन एंड हेजेज क्रिकेट वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया।
फाइनल में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बना दिया। तेज गेंदबाज कपिल देव ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पाकिस्तान के शुरुआती तीन विकेट केवल 29 रन पर गिरा दिए। उन्होंने मुदस्सर नजर, मोहसिन खान और कासिम उमर को पवेलियन भेजा। इसके बाद चेतन शर्मा ने रमीज रजा को आउट किया।
पाकिस्तान के कप्तान जावेद मियांदाद ने 48 रन की पारी खेलकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन लक्ष्मण शिवरामाकृष्णन की गेंद पर स्टंप आउट हो गए। पूरी टीम 50 ओवर में 9 विकेट पर 176 रन ही बना सकी।
177 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने शानदार शुरुआत की। क्रिस श्रीकांत ने 67 और रवि शास्त्री ने नाबाद 63 रन बनाते हुए शतकीय साझेदारी की। बाद में मोहम्मद अजहरूद्दीन ने 25 और दिलीप वेंगसरकर ने नाबाद 18 रन बनाकर भारत को लक्ष्य तक पहुँचाया।
पूरा टूर्नामेंट शानदार प्रदर्शन के लिए रवि शास्त्री को “चैंपियन ऑफ चैंपियंस” का खिताब मिला और उन्हें पुरस्कार स्वरूप नई ऑडी 100 कार भेंट की गई। जीत की खुशी में भारतीय टीम उसी कार पर सवार होकर मैदान का जश्न मनाती नजर आई, जो आज भी क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार पलों में गिनी जाती है।



