तेहरान, 16 मार्च।
अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध का आज 17वां दिन है। ईरान ने रविवार को इस संघर्ष में पहली बार इजराइल पर 'सेजिल बैलिस्टिक मिसाइल' से हमला किया। इस जानकारी की पुष्टि ईरान इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की न्यूज एजेंसी तसनीम ने की।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान ने न तो युद्धविराम की मांग की है और न ही अमेरिका से बातचीत की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि जब तक जरूरत होगी, ईरान अपनी रक्षा करता रहेगा और इस संघर्ष में पीछे नहीं हटेगा।
आईआरजीसी ने बताया कि सेजिल मिसाइल के माध्यम से इजराइल के सैन्य और रक्षा सुविधाओं को निशाना बनाया गया। यह मिसाइल 2000-2500 किलोमीटर तक हमला कर सकती है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के आक्रामक हमलों के बाद यह पहला मौका है जब सेजिल मिसाइलों का प्रयोग हुआ। आईआरजीसी जनसंपर्क कार्यालय ने कहा कि इस हमले के दौरान अन्य मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया गया।
28 फरवरी के हमलों में पूरे ईरान के सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिससे भारी जान-माल का नुकसान हुआ और बुनियादी ढांचे को व्यापक क्षति पहुंची। इसके जवाब में ईरानी सशस्त्र बलों ने युद्ध शुरू किया।
अराघची ने कहा कि अमेरिकी हमलों के बाद देश की परमाणु सामग्री जमीन के नीचे सुरक्षित कर दी गई है। भविष्य में इसे निकाला जा सकता है, लेकिन फिलहाल यह पहुंच से बाहर है। उन्होंने यह भी कहा कि हालिया तनाव बढ़ने से पहले ईरान अमेरिका के साथ बातचीत के दौरान अपनी अत्यधिक समृद्ध सामग्री के भंडार को कम करने के लिए तैयार था।



