तेहरान, 02 मार्च 2026
ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अपने पहले राष्ट्र के नाम संबोधन में कड़ा रुख अपनाते हुए प्रतिशोध को देश का अधिकार बताया। उन्होंने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मृत्यु के बाद पहली बार देश को संबोधित करते हुए इसे मुसलमानों के खिलाफ युद्ध की घोषणा करार दिया। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों से बदला लेना ईरान का वैध कर्तव्य और अधिकार है।
राष्ट्र के नाम दिए गए अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल दुश्मनों के ठिकानों पर लगातार शक्तिशाली हमले जारी रखेंगे। उन्होंने खामेनेई को शहीद बताते हुए कहा कि देश उनके बताए मार्ग पर आगे बढ़ेगा और उनकी नीतियों का पालन करेगा। उन्होंने जनता से एकजुट रहने की अपील भी की।
राष्ट्रपति ने नई नेतृत्व परिषद के गठन की पुष्टि करते हुए कहा कि इस परिषद ने संक्रमण काल में शासन व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल ली है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मस्जिदों और सड़कों पर एकजुट होकर दुश्मनों की साजिशों को विफल करें और देश की एकता बनाए रखें।
इस बीच ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इराकी कुर्दिस्तान के कुछ इलाकों पर नए हमलों की घोषणा भी की। सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख ने कहा कि सशस्त्र बल हमले के जिम्मेदार पक्षों को अविस्मरणीय सबक सिखाएंगे।
उल्लेखनीय है कि पेजेश्कियान 2024 में सुधारवादी उम्मीदवार के रूप में चुने गए थे। उन्होंने सितंबर 2024 में संयुक्त राष्ट्र आम सभा में अपने पहले संबोधन में राष्ट्रीय एकता और विश्व के साथ रचनात्मक संवाद पर जोर दिया था। उस समय उन्होंने कहा था कि ईरान परमाणु हथियार नहीं चाहता और पश्चिमी देशों के साथ तनाव कम करने के लिए तैयार है।
हालांकि, अपने पहले संबोधन में नव निर्वाचित राष्ट्रपति का रुख पूरी तरह से रक्षात्मक और प्रतिशोधी नजर आया। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और सर्वोच्च नेता की मृत्यु की खबरों के बीच ईरान ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।



