तेहरान/वाशिंगटन, 12 मार्च 2026।
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध आज 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है। ईरान से शुरू यह संघर्ष फारस की खाड़ी के देशों तक फैल गया है और इस दौरान ईरान और इजराइल के हमलों ने पश्चिम एशिया में हालात को और गंभीर बना दिया है।
इस बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने युद्ध रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने तीन शर्तें रखी हैं।
उन्होंने कहा कि "यदि ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता दी जाए, युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई की जाए और भविष्य में किसी भी प्रकार के हमले की अंतरराष्ट्रीय गारंटी मिल जाए, तो ईरान तुरंत युद्ध बंद कर देगा।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि "बातचीत की दिशा में कदम उठाना ईरान की कमजोरी नहीं है।"
दूसरी ओर, अमेरिका के तेवर फिलहाल तीव्र बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने केंटकी में आयोजित एक रैली में कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका ने युद्ध में जीत हासिल की है, लेकिन मिशन पूरा होने तक लड़ाई जारी रहेगी। अमेरिकी मीडिया में उनके बयान से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि युद्ध की स्थिति अभी शांत होने वाली नहीं है।
साथ ही अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने संसद को जानकारी दी कि युद्ध के शुरुआती छह दिनों में अमेरिका ने लगभग 11.3 अरब डॉलर (करीब एक लाख करोड़ रुपये) खर्च कर दिए हैं। इसमें से करीब पांच अरब डॉलर (लगभग 45 हजार करोड़ रुपये) हथियारों और गोला-बारूद पर लगाए गए हैं। इस खर्च से युद्ध की गंभीरता और दोनों देशों की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।



