तेहरान, 14 मार्च 2026।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका के रूसी कच्चे तेल को लेकर रुख पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब भारत समेत दुनिया के अन्य देशों से रूसी तेल खरीदने की गुहार लगा रहा है, जबकि पहले रूस से तेल न खरीदने का दबाव डाला गया था।
अराघची ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्ध के बाद दुनिया से रूसी कच्चा तेल खरीदने की मांग की है। उन्होंने एक्स प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए पोस्ट में लिखा कि यह रवैया बेहद विरोधाभासी और निंदनीय है।
ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका-इजराइल के सैन्य अभियान और यूरोपीय देशों के रवैये की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यूरोप ने सोचा था कि ईरान पर अवैध युद्ध का समर्थन करने से उन्हें रूस के खिलाफ अमेरिकी समर्थन प्राप्त होगा, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
अराघची ने फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट भी साझा की, जिसमें बताया गया है कि ईरान के होर्मुज जलडमरूम को बंद करने के चलते रूस युद्ध के दौरान तेल संकट से हर दिन 150 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1389 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार संघर्ष के शुरुआती 12 दिनों में रूस ने तेल निर्यात से अतिरिक्त 1.3 अरब से 1.9 अरब डॉलर तक कमाई की है और यदि मौजूदा कीमतें बनी रहती हैं तो महीने के अंत तक मॉस्को को 3.3 अरब से 5 अरब डॉलर की अतिरिक्त आमदनी होने की संभावना है।



