नई दिल्ली, 12 मार्च 2026।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण उत्पन्न गैस सिलेंडर संकट पर चिंता जताई और कहा कि यदि ईरान स्तर पर समस्या सुलझ भी जाती है, तब भी यह संकट समाप्त नहीं होगा क्योंकि दुनिया और संरचना बदल रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए देश का माइंडसेट बदलना आवश्यक है और यदि भारत केंद्र में रखकर काम नहीं किया गया तो समस्या और गहरी होगी।
राहुल गांधी ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि देश में एलपीजी और तेल संकट अभी शुरू ही हुआ है। उन्होंने सदन में बोलने की इच्छा जताई, लेकिन नई प्रक्रिया के तहत उन्हें अवसर नहीं मिला। अब मंत्री पहले बोलेंगे, फिर उनका जवाब होगा। असल समस्या यह है कि गैस, पेट्रोल और अन्य ईंधन के संकट बढ़ने वाले हैं, क्योंकि हमारी ऊर्जा सुरक्षा पहले ही प्रभावित हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि तैयारी करना अब जरूरी है क्योंकि हमारे पास समय है। प्रधानमंत्री और सरकार को तुरंत इस संकट से निपटने की तैयारी शुरू करनी चाहिए। यदि तैयारी नहीं हुई तो करोड़ों लोगों को नुकसान होगा। यह संकट केवल ईरान से ईंधन मिलने या न मिलने तक सीमित नहीं है, बल्कि हम अस्थिर समय में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे समय में पुरानी सोच काम नहीं करेगी और नई सोच अपनानी होगी।
राहुल गांधी ने कहा कि वह कोई राजनीतिक बयान नहीं दे रहे हैं, बल्कि बड़ी समस्या को सामने देख रहे हैं। प्रधानमंत्री को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारत के लोग सुरक्षित रहें और ऊर्जा सुरक्षा बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन खुद घबराए हुए हैं, जिसके कारण सदन में भी उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं।



