नई दिल्ली, 11 फ़रवरी।
कभी जिनके भविष्य पर सवाल उठाए गए, वही दीप्ति जीवनजी आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्स वुमन ऑफ द ईयर अवॉर्ड्स 2025 से पहले दिए साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि तेलंगाना के वारंगल जिले के कलेड़ा गांव में वह स्कूल के दिनों में नंगे पांव दौड़ा करती थीं।
कम उम्र में बौद्धिक दिव्यांगता का पता चलने पर उन्हें तानों का सामना करना पड़ा, लेकिन माता-पिता ने साथ नहीं छोड़ा। दीप्ति कहती हैं कि परिवार के विश्वास ने ही उन्हें आगे बढ़ाया। स्कूल के एक शारीरिक प्रशिक्षक ने उनकी प्रतिभा पहचानी, जिसके बाद आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्हें हैदराबाद में पेशेवर प्रशिक्षण दिलाया गया।
टी20 400 मीटर स्पर्धा में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी 22 वर्षीय दीप्ति अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी हैं। उनका कहना है कि मेहनत ही तानों का सबसे बड़ा जवाब है। अब उनका लक्ष्य पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतना, अपना घर बनाना और पुलिस अधिकारी बनना है।
बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्स वुमन ऑफ द ईयर 2025 का आयोजन 16 फरवरी को नई दिल्ली में होगा। इस वर्ष नामांकित खिलाड़ियों में दिव्या देशमुख, हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, सुरुचि सिंह और ज्योति याराजी शामिल हैं।



