नई दिल्ली, 27 फरवरी।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में गुरुवार को छात्रसंघ के बैनर तले शिक्षा मंत्रालय तक निकाले गए मार्च के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन और जेएनयू छात्रसंघ ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया और 51 छात्रों को हिरासत में लिया। बाद में 14 छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया, जिनमें छात्रसंघ अध्यक्ष अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष गोपिका, संयुक्त सचिव दानिश अली, पूर्व अध्यक्ष नितेश और आइसा की अखिल भारतीय अध्यक्ष शामिल हैं।
छात्रों ने साथियों की रिहाई की मांग को लेकर परिसर से वसंत कुंज थाने तक पैदल मार्च निकाला। छात्रसंघ का कहना है कि 26 फरवरी को रोहित कानून के अनुरूप विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियम लागू करने, कुलपति के कथित जातिगत बयान पर माफी और इस्तीफा तथा सरकारी शिक्षण संस्थानों के लिए बजट बढ़ाने की मांग को लेकर मार्च बुलाया गया था।
वहीं पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के अनुसार परिसर से बाहर मार्च की अनुमति नहीं थी। दोपहर करीब 3:20 बजे 400 से 500 छात्र मुख्य द्वार से बाहर निकल आए और बैरिकेड्स को नुकसान पहुंचाया। पुलिस का आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने धक्का-मुक्की की और बैनर व डंडे फेंके, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नॉर्थ गेट पर रोककर स्थिति नियंत्रित की और उग्र छात्रों को हिरासत में लिया। फिलहाल परिसर में स्थिति सामान्य बताई जा रही है तथा मामले की जांच जारी है।


