नई दिल्ली, 28 फरवरी 2026।
पटियाला हाउस कोर्ट ने एआई शिखर सम्मेलन के दौरान हुए प्रदर्शन मामले में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को जमानत दे दी है। भारत मंडपम में 20 फरवरी को हुए अर्धनग्न प्रदर्शन से जुड़े इस मामले में कोर्ट ने 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत देने का आदेश जारी किया।
कोर्ट ने जमानत की शर्तों के तहत उदय भानु चिब को अपना पासपोर्ट जमा करने और सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी सौंपने के निर्देश दिए हैं। पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद शुक्रवार देर रात चिब को दिल्ली पुलिस द्वारा ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश किया गया था। इसके बाद पुलिस ने सात दिनों की हिरासत की मांग की, जबकि चिब की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा करने का निर्णय लिया।
इससे पहले 24 फरवरी को कोर्ट ने चिब को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा था। पुलिस के अनुसार चिब पर प्रदर्शन की साजिश रचने और प्रदर्शनकारियों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आरोप है। इससे पूर्व 21 फरवरी को चार अन्य युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। इन चारों को 20 फरवरी को दोपहर में प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं में कृष्णा हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिम्हा यादव शामिल थे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से पहले प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई भी हुई थी, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। बताया गया कि प्रदर्शनकारियों ने पहले काला छाता और छपे हुए स्टिकर लेकर सम्मेलन स्थल में प्रवेश की योजना बनाई थी, लेकिन पकड़े जाने के डर से उन्होंने अपनी योजना बदल दी। इसके बाद वे प्रिंटेड संदेश वाली टी-शर्ट पहनकर आए, जिसके ऊपर स्वेटर और जैकेट पहने हुए थे। बाद में ये प्रदर्शनकारी भारत मंडपम के हॉल नंबर पांच में पहुंचकर टी-शर्ट उतारकर उसे हवा में लहराने लगे।
इस मामले में 27 फरवरी को युवा कांग्रेस के महासचिव निगम भंडारी को 24 मार्च तक अंतरिम जमानत दी गई थी। वहीं 26 फरवरी को इस प्रदर्शन मामले में हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार तीन कार्यकर्ताओं सौरभ, अरबाज और सिद्धार्थ को तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया था।



