नई दिल्ली, 26 फरवरी।
पटियाला हाउस कोर्ट ने भारत मंडपम में एआई शिखर सम्मेलन में 20 फरवरी को शर्टलेस प्रदर्शन करने के मामले में युवा कांग्रेस के महासचिव निगम भंडारी की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। एडिशनल सेशंस जज प्रशांत शर्मा ने अग्रिम जमानत याचिका पर 27 फरवरी को फैसला सुनाने का आदेश दिया।
इस मामले में 24 फरवरी को कोर्ट ने युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को चार दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया था कि वह चिब को एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराए। 25 फरवरी को इस मामले में गिरफ्तार चार युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस हिरासत चार दिन और बढ़ा दी गई थी। कृष्णा हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिम्हा यादव को 20 फरवरी की दोपहर भारत मंडपम में प्रदर्शन करने के दौरान गिरफ्तार किया गया था।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी से पहले प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हाथापाई भी हुई, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। इन प्रदर्शनकारियों ने पहले काला छाता और छपे हुए स्टिकर लेकर एआई शिखर सम्मेलन स्थल पर प्रवेश करने की योजना बनाई थी, लेकिन पकड़े जाने के डर से अपनी योजना बदल दी और टी-शर्ट पहनकर आए, जिसमें प्रिंटेड मैसेज था। टी-शर्ट के ऊपर उन्होंने स्वेटर और जैकेट पहन रखे थे। बाद में भारत मंडपम के हॉल नंबर पांच में पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने टी-शर्ट उतार कर हवा में लहराना शुरू किया।
दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि इस प्रदर्शन की साजिश कैसे रची गई। इसके साथ ही प्रिंटेड स्टिकर और उसके स्रोत की भी जांच की जा रही है। इस मामले में युवा कांग्रेस ने कहा है कि उनके कार्यकर्ता भारत मंडपम में प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर देश की पहचान को एआई शिखर सम्मेलन में खराब करने का आरोप लगा रहे थे।
इस मामले में दिल्ली पुलिस हिमाचल प्रदेश से तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ट्रांजिट रिमांड पर ला रही है। दिल्ली पुलिस तीनों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश कर हिरासत की मांग करेगी।



