नई दिल्ली, 07 मार्च 2026।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लगभग दस वर्ष पुराने हत्या के मामले में फरार चल रहे एक आरोपित को राजधानी से गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि आरोपित ने वर्ष 2016 में जम्मू के गांधी नगर क्षेत्र में अपनी ही 10 वर्षीय बेटी की हत्या करने के बाद फरार हो गया था और इसके बाद पहचान बदलकर दिल्ली में रह रहा था।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए आरोपित की पहचान मध्य प्रदेश के छतरपुर निवासी रमेश कुमार के रूप में हुई है। वह जम्मू के गांधी नगर थाने में दर्ज वर्ष 2016 के हत्या के मामले में वांछित था। घटना के बाद से यह मामला लंबे समय तक अनसुलझा रहा, क्योंकि आरोपित लगातार पुलिस से बचता रहा और उसने अपनी पहचान भी बदल ली थी।
जांच में सामने आया कि वर्ष 2016 के दौरान रमेश कुमार जम्मू में मजदूरी का काम करता था। उसी दौरान उसे यह संदेह हुआ कि उसकी 10 वर्षीय बेटी उसकी जैविक संतान नहीं है। इसी शक में उसने गुस्से में आकर बच्ची के सिर पर डंडे से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपित मौके से फरार हो गया था।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए वह जम्मू से निकलकर दिल्ली आ गया और यहां अपना नाम बदलकर राजवीर रख लिया। वह दक्षिण दिल्ली के भाटी माइंस क्षेत्र की संजय कॉलोनी में रह रहा था और इसी बदले हुए नाम से कई वर्षों तक अपनी पहचान छिपाकर पुलिस से बचता रहा।
क्राइम ब्रांच की टीम अंतरराज्यीय अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही थी। इसी दौरान जम्मू पुलिस की ओर से इस मामले में आरोपित की तलाश को लेकर सूचना और सहयोग का अनुरोध मिला। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने उसकी तलाश के लिए अभियान शुरू किया।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध व्यक्ति भाटी माइंस इलाके में रह रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके में कई दिनों तक तकनीकी विश्लेषण और मैनुअल निगरानी की। लगातार प्रयासों और गहन जांच के बाद पुलिस ने भाटी माइंस क्षेत्र में आरोपित की पहचान कर उसे पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद इसकी सूचना तुरंत जम्मू पुलिस को दी गई। इसके बाद जम्मू पुलिस के जांच अधिकारी दिल्ली पहुंचे और औपचारिक कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपित को अपने साथ ले गए। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी के साथ ही करीब दस साल पुराने हत्या के मामले की गुत्थी सुलझ गई है।



