नई दिल्ली, 07 मार्च 2026।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने औद्योगिक गोदामों में चोरी के पुराने मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे एक भगोड़े अपराधी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान बिहार के बांका जिले के निवासी संतोष मंडल उर्फ संतोष कुमार उर्फ सदानंद मंडल (36) के रूप में हुई है। वह वर्ष 2011 में समयपुर बादली थाना क्षेत्र में दर्ज गोदाम चोरी के तीन मामलों में वांछित था और वर्ष 2019 में रोहिणी अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार फरार अपराधियों की तलाश में चलाए जा रहे अभियान के दौरान 6 मार्च को पुलिस को सूचना मिली कि घोषित अपराधी संतोष मंडल रोहिणी इलाके में लांसर कॉन्वेंट स्कूल के पास आने वाला है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम गठित की गई और आरोपित की तलाश शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी के माध्यम से आरोपित की लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद रोहिणी क्षेत्र में बताए गए स्थान के आसपास घेराबंदी कर छापेमारी की गई, जहां से संतोष मंडल को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक आरोपित वर्ष 2011 में समयपुर बादली थाना क्षेत्र में औद्योगिक गोदामों में चोरी के तीन मामलों—एफआईआर संख्या 337/2011, 245/2011 और 221/2011—में वांछित था। इन मामलों में उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 380, 457, 411 और 34 के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे। अदालत में पेश नहीं होने के कारण 29 नवंबर 2019 को रोहिणी अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।
पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह औद्योगिक इलाकों के गोदामों में चोरी और लूटपाट करने वाले गिरोह से जुड़ा हुआ था। वह पढ़ा-लिखा नहीं है और बिहार के अपने गांव में ही पला-बढ़ा है। वर्ष 2011 में रोजगार की तलाश में वह दिल्ली आया था और शुरुआत में मजदूरी का काम करता था।
कम आय से असंतुष्ट होने के बाद वह आपराधिक तत्वों के संपर्क में आ गया और उनके साथ मिलकर औद्योगिक गोदामों में चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम देने लगा।
पुलिस के अनुसार आरोपित पहले भी कई मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है और उसके पास से चोरी का सामान भी बरामद किया गया था। बाद में जमानत मिलने के बाद वह दिल्ली छोड़कर बिहार भाग गया और वहीं रहकर गिरफ्तारी से बचता रहा।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपित के खिलाफ समयपुर बादली, कंझावला और पश्चिम विहार पश्चिम थाना क्षेत्रों में चोरी, लूट और डकैती के कई मामले दर्ज हैं, जिनमें वर्ष 2011 के दौरान दर्ज कई एफआईआर भी शामिल हैं।



