नई दिल्ली, 07 मार्च 2026।
राजधानी के चांदनी चौक स्थित कूचा महाजनी क्षेत्र में सर्राफा कारोबारी के यहां काम करने वाला एक कर्मचारी 54 लाख रुपये लेकर फरार हो गया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपित सहित उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपितों की पहचान रूपेश कुमार (24), सचिन उर्फ विकास (24) और पवन कुमार (21) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी दिल्ली के सोनिया विहार क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में कोतवाली थाने में 6 फरवरी 2026 को एफआईआर संख्या 96/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया था कि वह कूचा महाजनी में बुलियन ट्रेडर के रूप में कारोबार करता है और रूपेश उसके यहां कर्मचारी के तौर पर कार्यरत था। उसका काम बाजार में भुगतान पहुंचाने और रकम लाने का था।
बताया गया कि 5 फरवरी की शाम करीब 6:45 बजे व्यापारी ने रूपेश को 54 लाख रुपये देकर बाजार में भुगतान करने के लिए भेजा था, लेकिन वह रकम लेकर फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान 5 मार्च को पुलिस को सूचना मिली कि चोरी की रकम बांटने के लिए कुछ लोग दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एकत्र होने वाले हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम का गठन किया गया और कार्रवाई की योजना बनाई गई।
बाद में जानकारी मिली कि आरोपित रात करीब साढ़े नौ बजे खजूरी खास फ्लाईओवर के नीचे पहुंचेंगे। इसके बाद पुलिस ने वहां घेराबंदी कर जाल बिछाया और मौके पर पहुंचे रूपेश तथा सचिन उर्फ विकास को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर तीसरे आरोपित पवन कुमार को सोनिया विहार से पकड़ लिया गया।
पूछताछ में रूपेश ने बताया कि उसने सोनिया विहार में दसवीं तक पढ़ाई की है। आर्थिक तंगी के कारण वह पहले कश्मीरी गेट में मोटर पार्ट्स की दुकान पर काम करता था। बाद में वह कूचा महाजनी स्थित व्यापारी हरिओम खंडेलवाल की दुकान पर काम करने लगा, जहां वह अक्सर माल और पैसे लेने-देने का कार्य करता था।
इसी दौरान उसने अपने दोस्तों विकास और पवन को बताया कि उसका मालिक उस पर काफी भरोसा करता है और उसे अक्सर बड़ी रकम लेकर बाजार भेजता है। इसके बाद तीनों ने मिलकर योजना बनाई कि जब भी बड़ी रकम मिलेगी, वह पैसे लेकर फरार हो जाएगा और कुछ समय के लिए दिल्ली छोड़ देंगे।
5 फरवरी को जब व्यापारी ने उसे 54 लाख रुपये देकर चांदी खरीदने के लिए भेजा, तो उसने योजना के अनुसार पैसे लेकर फरार हो गया। इसके बाद वह अपने साथियों के साथ दिल्ली से बाहर चला गया और रकम का कुछ हिस्सा आपस में बांट लिया।
पुलिस ने आरोपित रूपेश के पास से 27 लाख रुपये, सचिन उर्फ विकास के पास से 2.5 लाख रुपये और पवन कुमार के पास से 2 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा 8 लाख रुपये की जमा रसीदें और एक वैगन-आर कार भी बरामद की गई है।
पुलिस का कहना है कि मामले की आगे जांच की जा रही है और बाकी रकम सहित अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।



