पेरिस, 10 मार्च।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कहा है कि उनका देश ईरान के हमलों से प्रभावित देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग करेगा। इसके लिए फ्रांस ने पूर्वी भूमध्यसागर और लाल सागर क्षेत्र में अपनी नौसैनिक तैनाती बढ़ाने का फैसला लिया है।
मैक्रों ने बताया कि फ्रांस आठ फ्रिगेट, दो एम्फीबियस हेलीकॉप्टर कैरियर और प्रमुख विमानवाहक पोत चार्ल्स डी गॉल को तैनात करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम केवल रक्षात्मक उद्देश्य से उठाया जा रहा है और इसका लक्ष्य क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना है।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि फ्रांस उन देशों के साथ खड़ा रहेगा जो ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। उनका कहना था कि फ्रांस की कोशिश क्षेत्र में तनाव कम करने और सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की है।
मैक्रों ने यह भी कहा कि फ्रांस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए सक्रिय रहेगा। जरूरत पड़ने पर स्ट्रेट ऑफ होरमुज में जहाजों की आवाजाही सामान्य बनाए रखने के लिए भी कदम उठाए जा सकते हैं।
हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि फ्रांस किसी मौजूदा युद्ध में सीधे शामिल नहीं है, बल्कि सहयोगियों के साथ मिलकर क्षेत्र में संतुलन और शांति बनाए रखने की दिशा में काम कर रहा है।



