भोपाल, 11 मार्च।
मध्य प्रदेश में इस वर्ष गर्मी ने तय समय से पहले ही असर दिखाना शुरू कर दिया है। मार्च महीने की शुरुआत में ही कई जिलों में तापमान 38 से 39 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जो सामान्य तापमान से लगभग 4 से 6 डिग्री अधिक है। हवा की दिशा में बदलाव के कारण प्रदेश में गर्मी का प्रभाव जल्दी दिखाई दे रहा है और आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। इसके साथ ही हवा में नमी की मात्रा काफी कम हो गई है। रेगिस्तानी क्षेत्रों से आने वाली हवाएं प्रदेश तक पहुंच रही हैं, जो अपने साथ अधिक गर्मी भी लेकर आती हैं। सामान्यतः प्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी देखने को मिलती है, लेकिन इस बार मौसम के रुझान में बदलाव दिखाई दे रहा है और महीने की शुरुआत में ही तापमान तेजी से बढ़ गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 मार्च के बाद गर्मी का असर और अधिक तेज हो जाएगा तथा कई क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब या उससे ऊपर पहुंच सकता है।
प्रदेश में मार्च के दूसरे सप्ताह से ही गर्मी के तेवर तीखे होने लगे हैं। इस कारण ग्वालियर-चंबल संभाग में तापमान सामान्य से लगभग 6 डिग्री अधिक दर्ज किया गया है, जबकि अन्य संभागों में भी 3 से 5 डिग्री तक बढ़ोतरी देखी गई है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों में भी तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि 15 मार्च के बाद प्रदेश में गर्मी का प्रभाव और अधिक बढ़ने की संभावना है।
मंगलवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान धार जिले में 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा सागर में 38.9 डिग्री, रतलाम में 38.8 डिग्री, नर्मदापुरम में 38.8 डिग्री, खजुराहो (छतरपुर) में 38.3 डिग्री, गुना में 38.1 डिग्री तथा दमोह और टीकमगढ़ में 38 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। अन्य शहरों में भी तापमान 34 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में ग्वालियर में 37.2 डिग्री, उज्जैन में 37 डिग्री, जबलपुर में 36.6 डिग्री, इंदौर में 36.8 डिग्री और भोपाल में 36.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।



