जम्मू और कश्मीर
14 Mar, 2026

जम्मू शहर में 7 मीटर लंबी नई इलैक्ट्रिक बसों से होगा सार्वजनिक परिवहन सशक्त

जम्मू शहर में आंतरिक रूटों पर 7 मीटर लंबी नई इलैक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी। इससे सार्वजनिक परिवहन मजबूत होगा और शहरवासियों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी।

जम्मू, 14 मार्च।

प्रदेश की शीतकालीन राजधानी जम्मू शहर में यातायात की भीड़भाड़ वाले मार्गों पर सरकार 7 मीटर लंबी छोटी इलैक्ट्रिक बसें चलाने की योजना बना रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जम्मू और श्रीनगर में पहले से 12 मीटर और 9 मीटर लंबी करीब 200 इलैक्ट्रिक बसें चल रही हैं, लेकिन ये ज्यादातर बाहरी रूटों पर सीमित हैं।

शुरुआत में मुख्य रूट जैसे शास्त्री नगर, त्रिकुटा नगर, गांधीनगर, कच्ची छावनी, ज्युल, इंदिरा चौक आदि में बसें चलाई गई थीं, लेकिन उनकी लंबाई अधिक होने के कारण निजी ट्रांसपोर्टरों ने विरोध किया। परिणामस्वरूप, जम्मू स्मार्ट सिटी मिशन के तहत इन बसों को बाहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ डाइवर्ट किया गया। कुछ बसें नियमों को ताक पर रखकर सांबा, कठुआ, रियासी, ऊधमपुर जिलों में भी भेजी गईं।

प्रधानमंत्री इलैक्ट्रिक बस योजना के तहत अब जम्मू-कश्मीर में 200 नई इलैक्ट्रिक बसें जल्द ही शुरू होंगी। इनमें से करीब 70 प्रतिशत 7 मीटर लंबी होंगी। उच्च पदस्थ अधिकारी के अनुसार, ये छोटी बसें जम्मू शहर के आंतरिक रूटों पर आसानी से चलेंगी और सार्वजनिक यातायात में नई क्रांति लाएंगी।

अधिकारी ने बताया कि इन बसों से प्रदूषण कम होगा और शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सुविधा मजबूत होगी। घर के पास से बस सुविधा मिलने से निजी वाहनों पर निर्भरता भी घटेगी और नागरिकों के लिए आवाजाही सरल होगी।

|
आज का राशिफल

पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। किसी से कहा सुनी न हो यही ध्यान रहे। अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। शुभांक-1-4-6

आज का मौसम

भोपाल

16° / 26°

Rainy

ट्रेंडिंग न्यूज़

१५ मार्च की एकादशी: वह रात जब आस्था, संयम और ब्रह्मांडीय समय एक साथ आते हैं

१५ मार्च की पापमोचनी एकादशी केवल व्रत नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि का दिन मानी जाती है—मान्यता है कि इस दिन का उपवास पुराने कर्मों को हल्का कर देता है।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।