विज्ञान व प्रौद्योगिकी
13 Mar, 2026

जापान के गहरे समुद्र में खोजी गई नई प्रजातियाँ

जापान के गहरे समुद्र में 2025 के एक विशेष वैज्ञानिक अभियान में 38 नई समुद्री प्रजातियाँ पाई गईं और 28 अन्य संभावित नई प्रजातियों की पहचान हुई, जिससे महासागर जीवविज्ञान को नया आयाम मिला।

जापान,

जून 2025 में जापान के गहरे समुद्र में किए गए विशेष वैज्ञानिक अभियान में नंकाई ट्रफ और शिचियो सीमाउंट चैन के कम अध्ययन किए गए क्षेत्रों में शोधकर्ताओं ने 38 नई समुद्री प्रजातियाँ खोजी और 28 संभावित नई प्रजातियों की पहचान की।

इस अभियान के दौरान 528 से अधिक नमूने संग्रहित किए गए, जिन्हें संरक्षित कर भविष्य में उनका आणविक और संरचनात्मक विश्लेषण किया जाएगा।

नंकाई ट्रफ में जैव विविधता पांच गुना बढ़ी, जहाँ पहले केवल 14 ज्ञात प्रजातियाँ थीं, अब 80 विभिन्न समुद्री जीवों की पहचान हुई, जिनमें शंख, झींगा, रिबन वर्म, समुद्री सितारे और समुद्री कुकुम्बर शामिल हैं।

शिचियो सीमाउंट चैन में भी समुद्री प्रवाल उद्यान, स्क्वाट लॉबस्टर की नई प्रजातियाँ और अन्य अज्ञात जीव सामने आए।

विशेष रूप से कांच स्पंज में रहने वाले दो नए कृमि प्रजातियाँ—डलहौसिएला याबुकी और लिओक्राटाइड्स वतनबेए—सहजीविता के अद्भुत उदाहरण हैं, जिन्हें वैज्ञानिकों ने "ग्लास कैसल" कहा, क्योंकि यह संरचना इन जीवों को सुरक्षित और पारदर्शी घर प्रदान करती है।

ग्लास स्पंज का जटिल, जाली जैसा ढांचा इन जीवों के लिए संरक्षण और सुरक्षित निवास का काम करता है। शोध से पता चलता है कि ये जीव स्वतंत्र रूप से अपने सहजीवी जीवन चक्र का विकास कर चुके हैं।

इसके अलावा, शिचियो सीमाउंट के अध्ययन में पांच नई स्क्वाट लॉबस्टर प्रजातियाँ, नए ऑक्टोकोरल, नेमेरटियन, एंपिफोड, गैस्ट्रोपोड और किनोरिन्क प्रजातियाँ भी सामने आईं। कई प्रजातियाँ पहले जापानी जल में दुर्लभ या अनुपस्थित मानी जाती थीं।

ये खोजें शिचियो सीमाउंट चैन को जापानी महासागर विज्ञान के लिए विशेष रुचि वाला क्षेत्र बनाती हैं और गहरे समुद्र की छिपी जैव विविधता को उजागर करती हैं।

इस प्रकार की खोजें समुद्री पारिस्थितिकी, जीवन के विकास और जैव विविधता के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं और भविष्य में समुद्री संरक्षण और अनुसंधान के लिए नए रास्ते खोलती हैं।

|
आज का राशिफल

पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। किसी से कहा सुनी न हो यही ध्यान रहे। अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। शुभांक-1-4-6

आज का मौसम

भोपाल

16° / 26°

Rainy

ट्रेंडिंग न्यूज़

मुख्यमंत्री डॉ. यादव नेपानगर में 127 विकास कार्यों की सौगात के साथ जनजातीय सम्मेलन में हुए शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेपानगर विधानसभा क्षेत्र में 127 विकास कार्यों की सौगात दी और जनजातीय सम्मेलन में किसानों और जनप्रतिनिधियों से योजनाओं का परिचय साझा किया।

१५ मार्च की एकादशी: वह रात जब आस्था, संयम और ब्रह्मांडीय समय एक साथ आते हैं

१५ मार्च की पापमोचनी एकादशी केवल व्रत नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि का दिन मानी जाती है—मान्यता है कि इस दिन का उपवास पुराने कर्मों को हल्का कर देता है।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।