उत्तरकाशी, 19 फ़रवरी।
मंगलवार को पालिकाध्यक्ष के आवास के पास कूड़ा फेंकने वाले गोपीनाथ रावत और उनके साथियों ने पालिकाध्यक्ष से लिखित माफी मांगी, जिससे नगर पालिका परिषद बाराहाट उत्तरकाशी के सफाई कर्मचारी, सभासद और स्थानीय लोगों का आक्रोश थम गया।
सामाजिक कार्यकर्ता गोपीनाथ सिंह रावत और उनके साथी पिछले दो महीने से तांबाखानी सुरंग के कूड़े के ढेर को लेकर धरने पर बैठे थे। बुधवार देर रात उन्होंने पत्र लिखकर बताया कि वे दो माह से कूड़ा हटाने के लिए अनिश्चितकालीन धरने पर थे। नगरपालिका प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि कूड़ा हटाया जाएगा, लेकिन अभी तक पूरा कूड़ा नहीं हटाया गया।
गोपीनाथ रावत ने बताया कि उन्होंने समर्थकों के साथ सांकेतिक रैली निकाली और ज्ञानसू गल्ला गोदाम तिराहे पर कूड़ा फेंककर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी के घर के सामने कूड़ा डालना नहीं था और भविष्य में ऐसा नहीं करेंगे।
रावत ने कहा कि यदि उनकी रैली से पालिकाध्यक्ष की छवि धूमिल हुई है तो वे माफी चाहते हैं। इसके बाद पालिका ने डोर टू डोर कूड़ा निस्तारण और नगर की स्ट्रीट लाइटें चालू कर दी हैं।
सभासदों ने हनुमान चौक से आंदोलनकारियों के कूड़े फेंकने पर प्रतिक्रिया दी और मामला शांत हुआ।



