बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा इन दिनों अपने पारिवारिक बयानों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में सुनीता ने आरोप लगाया था कि गोविंदा ने बेटे यशवर्धन आहूजा के करियर को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका नहीं निभाई। अब अभिनेता ने इन दावों पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए स्पष्ट किया कि उनके फैसले हमेशा परिवार और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर लिए गए।
"बच्चों को न झेलना पड़े मेरी दुनिया का दबाव": गोविंदा
मीडिया से बातचीत में गोविंदा ने कहा, "जिस समय मैं राजनीति से बाहर निकला, मैंने सोचा कि प्रतिस्पर्धा, द्वेष और ईर्ष्या जैसी चीज़ों का असर मेरे बच्चों पर न पड़े। खासकर उनके भविष्य को देखते हुए मैंने दूरी बनाना बेहतर समझा।" उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने निर्माता साजिद नाडियाडवाला से बेटे यशवर्धन का मार्गदर्शन करने का अनुरोध किया था। गोविंदा के अनुसार, नाडियाडवाला ने यशवर्धन को फिल्म निर्माण की बारीकियां समझने और इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली सीखने में मदद की।
सुनीता ने क्या कहा था?
इसके पहले सुनीता आहूजा ने इंटरव्यू में कहा था कि गोविंदा ने बेटे के करियर को लेकर पर्याप्त समर्थन नहीं दिया। उन्होंने बताया कि यशवर्धन अब तक करीब 90 ऑडिशन दे चुका है, लेकिन उसे वह पहचान नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी। सुनीता ने यह भी कहा कि उन्होंने बेटे को अपने पिता के रास्ते पर चलने की सलाह दी, लेकिन गोविंदा का रवैया उन्हें समझ नहीं आता।
परिवार के भीतर इन बयानों के बाद इंडस्ट्री और फैंस के बीच चर्चा तेज हो गई है। गोविंदा की सफाई के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि यशवर्धन का बॉलीवुड सफर आगे किस दिशा में बढ़ता है।



