सीवान, 18 फरवरी।
पचरुखी थाना क्षेत्र के चौमुखा गांव स्थित श्मशानघाट में पत्रकार रमेश सिंह की हत्या की साजिश रचते तीन अपराधियों को पुलिस ने अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार कर एक बड़ी साजिश का खुलासा किया है।
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में हत्या की योजना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और खुलासा किया कि इसके लिए तीन लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। आरोपियों की पहचान सराय थाने के वैशाखी गांव निवासी मुहर्रम अंसारी का पुत्र वसीम अकरम, मुफ्फसिल थाने के रसूलपुर निवासी दोस्त मोहम्मद का पुत्र मेराजुद्दीन अंसारी और सराय थाने के चांप गांव निवासी दुखहरन सह का पुत्र सुरेन्द्र साह के रूप में हुई है।
पुलिस अधीक्षक पुरन कुमार झा ने बताया कि मंगलवार को सूचना मिली कि तीनों चौमुखा श्मशानघाट में किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे थे। पुलिस टीम ने छापेमारी कर घेराबंदी की, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। तलाशी में उनके पास एक देशी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, दो चाकू और चार मोबाइल फोन बरामद हुए। मामले में आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी) ए/26 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस जांच में पता चला कि वर्ष 2022 से जयगोविन्द सिंह और भानुप्रताप सिंह उर्फ भानुप्रताप के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी। इसी रंजिश के चलते जयगोविन्द सिंह ने जेल में बंद कुख्यात अपराधी को तीन लाख रुपये में रमेश सिंह की हत्या की सुपारी दी थी।
गिरफ्तार अभियुक्त सुरेन्द्र साह ने बताया कि जेल में अपराधी से मुलाकात के बाद ही हत्या की जिम्मेदारी तीनों को सौंपी गई थी। भानुप्रताप सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस पूरे नेटवर्क और साजिश के अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है।


