अबू धाबी, 06 मार्च।
कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। अगर यह संघर्ष लंबा चलता है तो कच्चे तेल की कीमतें 150 डाॅलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। लगातार लड़ाई के कारण खाड़ी के ऊर्जा निर्यातकों को कुछ ही हफ्तों में उत्पादन रोकना पड़ सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा।
अबू धाबी इंटरनेशनल पेट्रोलियम एग्जीबिशन एंड कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में काबी ने कहा, "अगर क्षेत्र में लड़ाई जारी रहती है तो खाड़ी के ऊर्जा निर्यातकों को कुछ ही हफ्तों में उत्पादन रोकना पड़ेगा, जिससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर बड़ा असर पड़ेगा।" उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यह संघर्ष वैश्विक ऊर्जा बाजार को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
इस मौके पर संयुक्त अरब अमीरात के ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर मंत्री सुहैल अल-मजरूई और मिस्र के पेट्रोलियम एवं मिनरल रिसोर्स मिनिस्टर करीम बदावी भी मौजूद थे। काबी ने कहा कि बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के कारण खाड़ी के ऊर्जा निर्यातक अंतरराष्ट्रीय कॉन्ट्रैक्ट्स की आपूर्ति समय पर पूरा करने में असमर्थ हो सकते हैं।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब रास लफ़्फ़ान इंडस्ट्रियल सिटी में कतर की सबसे बड़ी लिक्विफाइड नेचुरल गैस फैसिलिटी को ईरान ने ड्रोन हमला कर निशाना बनाया। इस हमले के बाद कतर ने ‘अप्रत्याशित घटना’ घोषित की, जिसके कारण वह अस्थायी रूप से कुछ गैस वितरण अनुबंध पूरा नहीं कर पा रहा है। कतर वर्तमान में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलएनजी उत्पादक है।
काबी ने कहा कि भले ही युद्ध तुरंत समाप्त हो जाए, लेकिन इस व्यवधान के बाद कतर को गैस आपूर्ति को सामान्य करने में कई हफ्तों से लेकर महीनों तक का समय लग सकता है। इस हमले ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा अवसंरचना की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र ईरान, इजराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा बना हुआ है।
काबी ने आगे कहा कि अन्य खाड़ी निर्यातकों को भी जल्द इसी तरह की रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर खाड़ी से गैस आपूर्ति घटती है तो एशियाई खरीदार उपलब्ध गैस के लिए यूरोपीय ग्राहकों से ज्यादा कीमत देने को तैयार हो सकते हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में और अधिक दबाव बढ़ सकता है।


