विशाखापत्तनम, 18 फरवरी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज विशाखापत्तनम में अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम 'इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू' का अवलोकन करेंगी, जिसमें समुद्री सहयोग, विश्वास और साझा सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 70 से अधिक देशों की नौसेनाएं भाग ले रही हैं।
इस 'अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मिलन-2026' में कुल 71 युद्धपोत शामिल हैं, जिनमें 45 भारतीय नौसेना के और 19 मित्र देशों के जहाज हैं। 15 फरवरी से शुरू हुए इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का समापन 25 फरवरी को होगा। राष्ट्रपति सुबह नौ बजे फ्लीट का निरीक्षण करेंगी और स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत इसके प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
कार्यक्रम में 50 से अधिक लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर फ्लाई-पास्ट करेंगे, मिग-29, एलसीए तेजस, पी-8आई टोही विमान और सी-किंग हेलिकॉप्टर आकाश में गर्जन करेंगे, जबकि नौसेना के मार्कोस समुद्र में विशेष युद्ध कौशल का प्रदर्शन करेंगे। यह आयोजन भारत की बढ़ती नौसैनिक शक्ति और महासागर क्षेत्र में सुरक्षा प्रदाता के रूप में भूमिका को दर्शाता है।
फ्लीट रिव्यू की परंपरा 1953 में शुरू हुई थी, तब प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 33 भारतीय जहाजों का निरीक्षण किया था, और 2016 में विशाखापत्तनम में इसका भव्य समारोह हुआ था। इस बार का आयोजन मिलन-2026 के साथ होने के कारण विशेष महत्व रखता है।



