बलिया, 13 मार्च 2026।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक सर्वचन्द्र राय सेवानिवृत्त होने के बाद अपनी पेंशन का एक बड़ा हिस्सा समाज के सबसे लाचार लोगों, दृष्टिहीनों, की मदद में लगा रहे हैं। खास बात यह है कि जिन लोगों को यह आर्थिक सहायता मिलती है, उन्हें यह नहीं पता कि यह किसकी ओर से दी जा रही है।
जूनियर हाई स्कूल में शिक्षक पद से वर्ष 2013 में सेवानिवृत्त हुए सत्तर वर्षीय सर्वचन्द्र राय का कहना है कि उन्होंने अपने परिवार के लिए बहुत कुछ किया है और आज भी उनकी आय का बड़ा हिस्सा परिवार पर खर्च होता है, लेकिन उसमें से कुछ हिस्सा समाज के सबसे असहाय लोगों के लिए भी देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सहयोग ऐसे लोगों को ही किया जाता है जो गलत लत से दूर हों, विशेषकर शराब का सेवन न करते हों।
सर्वचन्द्र राय ने बताया कि यह विचार उन्हें एक पुस्तक पढ़ने के दौरान आया और तभी से यह सहायता लगातार जारी है। उनकी पेंशन की राशि से हर माह 24 अंधे व्यक्तियों को पांच-पांच सौ रुपये भेजे जाते हैं। उनके इस प्रयास से प्रभावित होकर अन्य लोग भी आगे आए हैं और अब इलाके के कुल 36 अंधे व्यक्तियों को हर माह पांच सौ रुपये की सहायता दी जा रही है।



