नई दिल्ली, 13 मार्च 2026।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को संस्कृत में एक सुभाषितम साझा किया, जिसमें जीवन में प्रगति का मार्ग दिखाने वाले शुभ और प्रेरणादायक विचारों पर विशेष जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा-
“आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतोऽदब्धासो अपरितस उद्भिदः। देवा नो यथा सदमिद् वृद्धे असन्नप्रायुवो रक्षितारो दिवे दिवे॥”
इस संस्कृत सुभाषित का संदेश है कि जीवन में सभी दिशाओं से सकारात्मक और उत्साहजनक विचार प्राप्त हों। ये विचार व्यक्ति को ऊर्जा और आगे बढ़ने की शक्ति दें, अटल और अजेय हों तथा प्रगति का मार्ग प्रशस्त करें।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दिव्य शक्तियां हमारे जीवन को हर दिन विकास, उन्नति और नए उत्साह से भर दें, हमें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें और दिन-प्रतिदिन हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करें।



