कोलकाता, 13 मार्च 2026।
स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने आरोप लगाया है कि नई दिल्ली स्थित लाल किला परिसर में बने नेताजी संग्रहालय से नेताजी की ऐतिहासिक टोपी गायब हो गई है।
चंद्र कुमार बोस ने बताया कि उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के साथ नेताजी की टोपी स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सौंपी थी। प्रधानमंत्री ने 23 जनवरी 2019 को नेताजी की जयंती के अवसर पर इसे लाल किले के नेताजी संग्रहालय में प्रदर्शित किया था।
हाल ही में ओपन प्लेटफॉर्म फॉर नेताजी से जुड़े अधिवक्ता नवीन बामेल संग्रहालय गए, जहां जिस कांच के बॉक्स में टोपी रखी गई थी वह खाली मिला। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों से पूछने पर भी इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।
चंद्र कुमार बोस ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया और कहा कि नेताजी देश के सबसे बड़े नेताओं में से एक हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप कर तत्काल जांच कराने की मांग की। उन्होंने चेताया कि यदि यह ऐतिहासिक वस्तु वास्तव में खो गई है तो इसे एक तरह का अनादर माना जाएगा।
इसी बीच, उच्चतम न्यायालय ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पार्थिव अवशेष जापान से भारत लाने की मांग वाली याचिका पर गुरुवार को सुनवाई से इनकार कर दिया। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी को याचिकाकर्ता आशीष राय की ओर से याचिका वापस लेने की अनुमति दी।



