नई दिल्ली, 12 मार्च 2026।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई नेताओं ने गुरुवार को दांडी मार्च की 96वीं वर्षगांठ पर महात्मा गांधी और स्वतंत्रता सेनानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर नेताओं ने औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर भारत की आजादी की नींव मजबूत करने वाले वीरों को नमन किया।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि बापू और इस ऐतिहासिक मार्च में भाग लेने वाले सभी स्वतंत्रता सेनानी प्रेरणा के स्रोत हैं और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उनकी प्रेरणा हमारे मार्ग का मार्गदर्शन करती रहेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर याद दिलाया कि सन् 1930 में आज ही के दिन दांडी मार्च की शुरुआत हुई थी और इसमें शामिल सभी विभूतियों का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि यह साहसिक पदयात्रा पूरे देश में स्वतंत्रता की आकांक्षा को नई ऊर्जा देने वाली रही और करोड़ों भारतीयों को औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध एकजुट किया।
गृहमंत्री अमित शाह ने इसे स्वदेशी की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया जिसने स्वतंत्रता आंदोलन की दिशा बदल दी।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि महात्मा गांधी ने 1930 में अंग्रेजों के अत्याचारी नमक कानून के विरोध में साबरमती आश्रम से दांडी नमक सत्याग्रह की शुरुआत की, जिसने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बापू के सिद्धांतों की आज भी प्रासंगिकता और प्रेरणा पर जोर दिया और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान व बलिदान को विनम्र श्रद्धा के साथ नमन किया।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस साहसिक कार्य ने हजारों लोगों को प्रेरित किया और उत्पीड़कों के विरुद्ध सबसे सशक्त आंदोलनों में से एक के रूप में इसे हमेशा याद रखा जाएगा।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि यह दिन साहस, दृढ़ संकल्प और सामूहिक दृढ़ता की याद दिलाता है, जिसने भारत के स्वतंत्रता पथ को आकार दिया।



