शिमला, 13 मार्च।
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने गुरुवार शाम नई दिल्ली में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर राज्य में शहरी विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं के लिए केंद्र से विशेष सहयोग की मांग की। बैठक में हिमाचल के पहाड़ी भूगोल और उससे जुड़ी चुनौतियों को प्रमुखता से रखा गया।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां मैदानी राज्यों से बिल्कुल अलग हैं। ऊंचे पहाड़, संवेदनशील पर्यावरण और दूर-दराज बसे क्षेत्रों के कारण सड़कों, पेयजल, सीवरेज और अन्य शहरी सुविधाओं का निर्माण तथा रखरखाव अपेक्षाकृत अधिक खर्चीला और जटिल हो जाता है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की कई योजनाओं में धनराशि का निर्धारण प्रायः जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर किया जाता है, लेकिन पहाड़ी राज्यों की वास्तविक लागत और भौगोलिक चुनौतियां इन मानकों में पूरी तरह परिलक्षित नहीं होतीं। इसी कारण उन्होंने हिमाचल को विशेष श्रेणी के पहाड़ी राज्य के रूप में देखते हुए वित्तीय मानकों में लचीलापन देने का आग्रह किया।
बैठक के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की शहरी योजनाओं के अंतर्गत हिमाचल के लिए आवंटन बढ़ाने का अनुरोध भी किया। उन्होंने कहा कि AMRUT 2.0 और Swachh Bharat Mission (Urban) के तहत राज्य के अधिक शहरों और कस्बों को शामिल किया जाना चाहिए, ताकि नागरिकों को बेहतर पेयजल, सीवरेज व्यवस्था, वर्षा जल निकासी और ठोस कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाएं मिल सकें। उनका कहना था कि हर शहर में घर-घर नल कनेक्शन, आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन प्रणाली विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है, साथ ही नदियों और पहाड़ी पर्यावरण की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बैठक में डिजिटल सेवाओं के विस्तार का विषय भी उठा। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार National Urban Digital Mission के अंतर्गत उद्योग प्लेटफार्म लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके तहत “One State, One Portal” व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे भवन अनुमति, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, प्रॉपर्टी टैक्स और ट्रेड लाइसेंस जैसी नगर सेवाएं एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि छोटे और दूरस्थ पहाड़ी कस्बों तक इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए केंद्र से अतिरिक्त तकनीकी और वित्तीय सहायता आवश्यक है।
लोक निर्माण विभाग से जुड़ी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल में शहरी विकास और सड़क संपर्क एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। राज्य के शहर आसपास के बड़े ग्रामीण इलाकों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार और पर्यटन के केंद्र के रूप में कार्य करते हैं, इसलिए इन तक मजबूत सड़क और पुल अवसंरचना का होना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण PWD परियोजनाओं के लिए भी केंद्र से विशेष सहयोग का अनुरोध किया, ताकि शहरों तक पहुंच बेहतर बनाई जा सके, यातायात दबाव कम हो और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
बैठक के दौरान उन्होंने जठिया देवी परियोजना और हिम-चंडीगढ़ कनेक्टिविटी से जुड़ी योजनाओं के लिए भी केंद्र से सहायता का आग्रह किया।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हिमाचल सरकार द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि पहाड़ी राज्यों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर सरकार की नीतियों के अंतर्गत सकारात्मक विचार किया जाएगा।



