काठमांडू, 06 मार्च।
नेपाली राजनीति के प्रमुख स्तंभों में मानी जाने वाली यह पार्टी इस चुनाव में अपने इतिहास के सबसे कमजोर प्रदर्शनों में से एक की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। करीब सात दशक की राजनीतिक विरासत वाली इस पार्टी ने 1991 के संसदीय चुनाव से ही नेपाली कांग्रेस के साथ मुख्य प्रतिस्पर्धी के रूप में भूमिका निभाई है। साल 2008 के संविधान सभा चुनाव में माओवादी उभार के बाद पार्टी को बड़ा झटका लगा था, लेकिन माओवादी पार्टी में हुए विभाजनों के बाद यूएमएल ने अपनी ताकत फिर से बढ़ा ली थी।
हालांकि मौजूदा चुनाव की मतगणना से संकेत मिल रहे हैं कि यूएमएल को एक बार फिर करारी हार का सामना करना पड़ सकता है। इसे अबतक की सबसे बड़ी और शर्मनाक हार के रूप में दर्ज किया जा सकता है। झापा निर्वाचन क्षेत्र नंबर-5 में पार्टी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली बालेन शाह (राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी) के मुकाबले काफी पीछे चल रहे हैं। शाह को मिले वोट में चार गुणा का अंतर है।
काठमांडू निर्वाचन क्षेत्र नंबर-5 में यूएमएल के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष ईश्वर पोखरेल प्रारंभिक मतगणना में तीसरे स्थान पर हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार सस्मित पोखरेल को 9,124 वोट मिले हैं, प्रदीप पौडेल (नेपाली कांग्रेस) को 2,887 वोट और ईश्वर पोखरेल को 1,558 वोट प्राप्त हुए हैं।
यूएमएल के एक अन्य उपाध्यक्ष विष्णु पौडेल रुपन्देही निर्वाचन क्षेत्र नंबर-2 में काफी पीछे चल रहे हैं। यहां सुलभ खरेल को 10,519 वोट मिले हैं, जबकि पौडेल को अब तक 2,193 वोट प्राप्त हुए हैं।
यूएमएल नेता और पूर्व सभामुख देवराज घिमिरे झापा निर्वाचन क्षेत्र नंबर-2 में पीछे चल रहे हैं। प्रारंभिक परिणामों के अनुसार इन्दिरा राना मगर को 3,395 वोट मिले हैं, जबकि घिमिरे को 1,310 वोट प्राप्त हुए हैं।
यूएमएल सचिव महेश बस्नेत भक्तपुर निर्वाचन क्षेत्र नंबर-2 में पीछे चल रहे हैं। ताजा मतगणना के अनुसार राजीव खत्री 4,084 वोट के साथ आगे हैं, जबकि बस्नेत को 1,819 वोट मिले हैं।
इसके अलावा महासचिव शंकर पोखरेल दांग निर्वाचन क्षेत्र नंबर-2 से और वरिष्ठ नेता पृथ्वी सुब्बा गुरुङ लमजुङ से मतगणना में बहुत पीछे चल रहे हैं।
देशभर के प्रारंभिक रुझानों के अनुसार, यूएमएल अबतक दहाई के आंकड़े तक भी नहीं पहुँच पाई है, जबकि राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी 86 निर्वाचन क्षेत्रों में आगे चल रही है।



