उत्तर प्रदेश
14 Mar, 2026

यूपी सरकार के पीएम यूनिटी मॉल से हस्तशिल्प को मिलेगा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच

उत्तर प्रदेश में पीएम यूनिटी मॉल से 75 जिलों के पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान और स्थानीय कारीगरों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।

लखनऊ, 14 मार्च 2026।

उत्तर प्रदेश सरकार स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कारीगरी को वैश्विक पहचान देने के लिए आगरा, वाराणसी और लखनऊ में पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण तेजी से कर रही है। इन मॉल के माध्यम से 75 जिलों के ओडीओपी और जीआई-टैग उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

आगरा के शिल्पग्राम क्षेत्र में लगभग 11.53 एकड़ भूमि पर 128.85 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। बेसमेंट की खुदाई, फाउंडेशन की पीसीसी, आरसीसी, बेसमेंट फ्लोर के कॉलम एवं रिटेनिंग वाल की आरसीसी का कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुका है। यहां ब्रज क्षेत्र, आगरा, फिरोजाबाद और आसपास के जिलों के हस्तशिल्प व पारंपरिक उत्पादों को ब्रांडिंग के साथ देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था होगी।

वाराणसी के गंगानगर कॉलोनी में 1.46 एकड़ क्षेत्र में 154.71 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल विकसित किया जा रहा है। डी-वाल का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि बेसमेंट 3 में फाउंडेशन का कार्य प्रगति पर है। यहां बनारसी साड़ी, जरी-जरदोजी, लकड़ी के खिलौने, रुद्राक्ष और अन्य पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शित और बिक्री के लिए विशेष स्थान मिलेगा।

लखनऊ के अवध शिल्पग्राम में लगभग 4.86 एकड़ क्षेत्र में 64 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल बनाया जा रहा है। इस परियोजना के जून 2026 तक पूरा होने की संभावना है। अभी दुकानों में फिनिशिंग और एडमिन ब्लॉक के स्ट्रक्चर का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि ब्रिक वर्क और लिफ्ट का कार्य प्रगति पर है। यहां चिकनकारी, जरी-जरदोजी और अवध क्षेत्र के अन्य प्रसिद्ध उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा।

यूनिटी मॉल बनने से प्रदेश के 75 जिलों के उत्पादों को एक ही मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय कारीगरों की आय बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही यह पहल स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेगी।

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