भोपाल, 15 मार्च 2026।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि अध्ययन भ्रमण अधिकारियों के लिए आपदा प्रबंधन, प्रशासनिक समन्वय और संसाधन प्रबंधन के विभिन्न दृष्टिकोणों को समझने और सीखने का महत्वपूर्ण अवसर होता है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे भ्रमण के दौरान अनुभवों का चिंतन करें और प्रत्येक दिन की गतिविधियों का अभिलेखन करें।
राज्यपाल श्री पटेल रविवार को लोक भवन में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, नई दिल्ली में अध्ययनरत वरिष्ठ सैन्य एवं सिविल अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। अध्ययन दल 15 से 21 मार्च तक मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थलों का भ्रमण करेगा। कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भ्रमण नये अनुभवों, सामाजिक विशिष्टताओं, आध्यात्मिक आस्था और विकास के विभिन्न आयामों को समझने का सुअवसर है। श्री पटेल ने हाल ही में श्रीलंका से लौटाए गए बौद्ध अवशेषों का उल्लेख करते हुए बताया कि सात दिनों तक प्रदर्शित अवशेषों के दर्शन के लिए 14 लाख श्रद्धालुओं ने भाग लिया और अंतिम दिन रातभर दर्शन के लिए लाइन लगी।
राज्यपाल ने अधिकारियों को भारत में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और सामरिक प्रगति के विभिन्न पहलुओं को देखने और समझने का अवसर प्राप्त होने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती आदिम सभ्यता, ऐतिहासिक परंपराओं, आध्यात्मिक स्थल और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत स्वरूप प्रस्तुत करती है।
उन्होंने कहा कि भ्रमण के दौरान ग्रामीण विकास, शहरी प्रबंधन, पर्यटन संवर्धन और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के मॉडलों में जन सहभागिता की भूमिका और महत्व को जानने का प्रयास करें। उज्जैन और इंदौर जैसे शहरों में बड़े आयोजनों के प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और औद्योगिक विकास की व्यवस्थाओं का गहन अध्ययन करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासन अकादमी और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय की ओर से राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। राज्यपाल ने अध्ययन दल के प्रमुख मेजर जनरल पवन पाल सिंह को गोंड कला की पेटिंग भी भेंट की।
आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालक श्री मुजीबुर्रहमान खान ने स्वागत उद्बोधन दिया और बताया कि राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय में 47 सप्ताह के पाठ्यक्रम में भाग लेने वाले 16 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल का यह प्रदेश प्रवास है। उन्होंने कहा कि दल को प्रदेश के आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, औद्योगिक प्रगति और नवाचारों से रू-ब-रू कराया जाएगा।
कोमोडोर सुमीत शिदौरे ने महाविद्यालय द्वारा संचालित प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में 122 अधिकारी भाग ले रहे हैं और इसे छह मॉड्यूल में विभाजित किया गया है। अध्ययन भ्रमण के लिए अधिकारियों को आठ बैचों में देश के अलग-अलग राज्यों में भेजा गया है।
इस अवसर पर आभार प्रदर्शन प्रशिक्षण संचालक डॉ. अनुपमा रावत ने किया। उप सचिव श्री सुनील दुबे एवं लोक भवन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।



