वाशिंगटन, 11 मार्च।
अमेरिका-इजराइल के ईरान पर 28 फरवरी के सैन्य आक्रमण के बाद होर्मुज स्ट्रेट युद्ध के क्षेत्र में बदलता दिखाई दे रहा है। अमेरिका ने मंगलवार को कहा कि उसकी नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट में बारूदी सुरंग बिछाने वाले 16 ईरानी सैन्य जलयानों को नष्ट कर दिया है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल निकासी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन ने पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने मंगलवार को ईरानी माइन बिछाने वाली 16 नावों को तहस-नहस कर दिया। यूएस सेंट्रल कमांड ने इस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ये नावें ध्वस्त की गईं।
सेंट्रल कमांड मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियान की निगरानी कर रहा है। कमांड ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि 10 मार्च को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास 16 माइन बिछाने वाली नावों सहित कई ईरानी नेवी के जहाज नष्ट किए गए। इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल ट्रुथ पोस्ट में यह संख्या 10 बताई थी। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान इस जलडमरूमध्य में सुरंग बिछाने की तैयारी कर रहा था।
सैन्य जलयानों के बारे में बताया गया कि इनके माध्यम से समुद्री क्षेत्र में बारूदी सुरंगें बिछाई जाती हैं। इन्हें माइन बिछाने वाली नाव या बोट भी कहा जाता है। इनका उद्देश्य दुश्मन के जहाजों और पनडुब्बियों के मार्ग में विस्फोटक सुरंगें बिछाकर समुद्री रास्तों को असुरक्षित करना या किसी क्षेत्र की रक्षा करना होता है।
इन जलयानों का उपयोग रणनीतिक जलमार्गों में विशेष रूप से दुश्मन के जहाजों की आवाजाही रोकने के लिए किया जाता है। ये छोटे तेज रफ्तार नावों से लेकर बड़े विशेषीकृत जहाजों तक हो सकते हैं। अमेरिका को आशंका है कि ईरानी नौसेना इन नावों का उपयोग समुद्री माइन बिछाने के लिए कर रही है। यह नावें वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए गंभीर खतरा मानी जाती हैं। आधुनिक समय में ऐसी माइन स्वचालित नावों या रोबोटिक प्रणाली के जरिए भी बिछाई जा सकती हैं।



