वाशिंगटन, 28 फरवरी 2026।
ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर बातचीत लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर सैन्य हमले की आशंकाओं के बीच यह दावा सामने आया है। बताया गया है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए चल रही वार्ताओं में काफी प्रगति हुई है। अलबुसैदी पिछले महीने दोनों देशों के बीच हुई तीन दौर की बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका में मौजूद रहे थे।
रिपोर्टों के अनुसार, विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान इस बात पर सहमत हो गया है कि उसके पास ऐसी परमाणु सामग्री कभी नहीं होगी जिससे हथियार बनाए जा सकें। इसे बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम के भंडार को भी कम करेगा और संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को समझौते की शर्तों के सत्यापन के लिए परमाणु स्थलों का निरीक्षण करने की अनुमति देगा। इस निरीक्षण प्रक्रिया में अमेरिकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि समझौते के अन्य तकनीकी पहलुओं पर बातचीत सोमवार को वियना में होगी। अलबुसैदी ने उम्मीद जताई कि वह आने वाले दिनों में स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर से मुलाकात कर सकेंगे। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने वार्ताओं को लेकर असंतोष जताया है, लेकिन उन्होंने अभी तक यह फैसला नहीं किया है कि सैन्य कार्रवाई को मंजूरी दी जाएगी या नहीं।
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने अमेरिका और ईरान के वार्ताकार तीन दौर की बातचीत कर चुके हैं। पहला दौर ओमान में और दूसरा तथा तीसरा दौर स्विट्जरलैंड के जिनेवा में हुआ था। वार्ता विफल होने की स्थिति में इजराइल के प्रधानमंत्री और अमेरिकी विदेश सचिव ने कड़ा रुख अपनाने की बात कही है। अलबुसैदी का कहना है कि ईरान हर मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है और दोनों देशों के बीच समझौता लगभग तय माना जा रहा है, जिसे लागू करने में करीब तीन महीने का समय लग सकता है।



