पौड़ी गढ़वाल, 23 फरवरी।
विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत की अध्यक्षता में विकास विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न योजनाओं की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। बैठक में रोजगार सृजन, स्वरोजगार संवर्धन, विभागीय समन्वय और लंबित कार्यों में तेजी लाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि मनरेगा के तहत निर्धारित लक्ष्यों को समयसीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन के आंकड़ों के साथ-साथ धरातल पर वास्तविक प्रभाव और कार्यों की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए।
सीडीओ ने सारा योजना के स्वीकृत कार्यों को शीघ्र पूरा कर वित्तीय एवं भौतिक प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मनरेगा और अन्य विभागों के समन्वय से रोजगार और स्वरोजगार आधारित गतिविधियों को तुरंत शुरू कराने को कहा। स्वयं सहायता समूहों को सीसीएल ऋण स्वीकृत कर व्यवसाय प्रारंभ कराने, रेशम एवं डेयरी योजनाओं में समन्वय बढ़ाने तथा कृषि, उद्यान और पशुपालन विभागों के साथ ब्लॉक स्तर पर समन्वित कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि मनरेगा में 60 दिन से अधिक रोजगार प्राप्त करने वाले परिवारों को ‘प्रोजेक्ट उन्नति’ के तहत आरसेटी के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे उन्हें स्थायी आजीविका के अवसर मिल सकें। रीप योजना के तहत ऐमेनिटी सेंटर, कलेक्शन सेंटर और सामुदायिक आधारित कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा गया।
बैठक में मेरी गांव मेरी सड़क, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत सरोवर और पलायन रोकथाम योजनाओं की भी समीक्षा की गई। सीडीओ ने मार्च तक सभी कार्यों में स्पष्ट प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जॉब कार्ड सत्यापन और लाभार्थी सूची की भी जांच की।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए नियमित निरीक्षण और पारदर्शिता बनाए रखें। बैठक में डीआरडीए परियोजना निदेशक विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



