रायपुर, 11 मार्च।
छत्तीसगढ़ ने महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के क्रियान्वयन में देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। फरवरी 2026 की स्टेट-वाइज राष्ट्रीय रैंकिंग में बड़े राज्यों की श्रेणी में छत्तीसगढ़ ने अन्य राज्यों को पीछे छोड़कर यह इतिहास रच दिया।
राज्य ने 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर और 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 30 दिनों से अधिक लंबित प्रकरणों की दर मात्र 7.07 प्रतिशत और लंबित शिकायत दर 4.96 प्रतिशत दर्ज की गई, जो योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को दर्शाती है। पिछले माह की तुलना में छत्तीसगढ़ ने 6 स्थानों की छलांग लगाकर पहला स्थान हासिल किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बताते हुए विभागीय टीम को बधाई दी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदेश में 1,86,586 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया गया है। योजना के तहत अब तक 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपये सीधे पात्र हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित किए जा चुके हैं। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश के सामने प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।



