लखनऊ, 14 मार्च 2026।
उत्तर प्रदेश सरकार प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने और छोटे बच्चों के विद्यालय में प्रवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग 25 मार्च 2026 को राज्यभर के सभी को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों में ‘नवआरंभ उत्सव’ आयोजित करेगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का बालवाटिका में नामांकन बढ़ाना और अभिभावकों को प्रारंभिक शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बालवाटिका की गतिविधियों से परिचित कराया जाएगा और अभिभावकों को विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा बच्चे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और अन्य गतिविधियां करेंगे, जिससे अभिभावकों को बालवाटिका के शैक्षिक वातावरण की स्पष्ट झलक मिलेगी।
राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक प्रारंभिक शिक्षा लाभ सभी तक पहुंचाना है। नीति के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जाएगा। नवआरंभ उत्सव इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, डायट, नोडल शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जिला स्तर से लेकर विद्यालय स्तर तक कार्यक्रम की निगरानी की जाएगी और संबंधित सूचनाएं प्रेरणा पोर्टल और विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से राज्य स्तर पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
राज्य सरकार ने नवआरंभ उत्सव के आयोजन के लिए 1592.22 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है। प्रत्येक विद्यालय को लगभग 3000 रुपये की राशि दी जाएगी, जिससे कार्यक्रम की गतिविधियां, बच्चों के लिए संसाधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
योगी सरकार का मानना है कि मजबूत प्रारंभिक शिक्षा से बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार होती है। ‘नवआरंभ उत्सव’ छोटे बच्चों के नामांकन और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



