भोपाल, 28 फरवरी 2026।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहीद चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर आलीराजपुर स्थित उनकी जन्मभूमि चंद्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद भारतीय क्रांति के तेजस्वी प्रतीक थे और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सहित देश की आर्थिक प्रगति तेज हुई है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में संबोधन के दौरान भील जनजाति की संस्कृति और स्वाभिमान की सराहना की। उन्होंने कहा कि आलीराजपुर क्षेत्र में भील समाज की समृद्ध परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत मौजूद है। उन्होंने स्थानीय देवस्थलों बाबा भीलट देव, बाबा डूंगर देव, बाबा पाटला देव, रानी काजल माता, डूंगरी माता और मालवाई माता को भी नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्थानीय शहीदों और क्रांतिकारियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने बताया कि आलीराजपुर जिले में 1800 करोड़ रुपये लागत वाली नर्मदा सिंचाई परियोजना पर काम जारी है, जिससे 170 गांवों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को किसानों के लिए समर्पित वर्ष घोषित किया है। साथ ही लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये दिए जा रहे हैं और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने जिले के विकास के लिए 171 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 49 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने 79.92 करोड़ रुपये लागत के 14 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया, जिसमें विद्यालय भवन, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र और पुल निर्माण कार्य शामिल रहे। इसके अलावा 119.01 करोड़ रुपये के 35 विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने चंद्रशेखर आजाद नगर में शहीद आजाद के नाम पर भव्य पार्क बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह स्थान राष्ट्रभक्ति और साहस का प्रेरणा केंद्र बनेगा और संस्कृति विभाग के माध्यम से इसे दर्शनीय स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने आजाद कुटिया में भी पहुंचकर शहीद के जीवन से जुड़े दुर्लभ चित्रों और स्मृतियों का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद का जीवन युवाओं के लिए साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जनजातीय नायकों की विरासत का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे।



