भुवनेश्वर, 24 फरवरी।
धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पत्र लिखकर देश के सबसे कम उम्र के शहीद बाजी राउत की जन्मशताब्दी के अवसर पर नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर स्मृति कार्यक्रम आयोजित करने का अनुरोध किया है।
पत्र में प्रधान ने बाजी राउत के अद्वितीय साहस और बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन युवा पीढ़ी के लिए देशभक्ति और समर्पण की प्रेरणा है। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि जन्मशताब्दी वर्ष को राष्ट्रीय स्तर पर मनाते हुए युवाओं में राष्ट्रनिर्माण की भावना सुदृढ़ की जाए।
प्रधान ने उल्लेख किया कि 5 अक्टूबर 1926 को नीलकंठपुर में जन्मे बाजी राउत ने मात्र 12 वर्ष की आयु में ब्रिटिश सैनिकों को नदी पार कराने से इनकार करते हुए 11 अक्टूबर 1938 को वीरगति प्राप्त की थी। उनका बलिदान गड़जात आंदोलन और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में महत्वपूर्ण माना जाता है।
उन्होंने कहा कि बाजी राउत केवल ओडिशा के क्षेत्रीय नायक नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए युवा देशभक्ति के अमर प्रतीक हैं। उनकी जन्मशताब्दी 5 अक्टूबर 2025 से 5 अक्टूबर 2026 तक वर्षभर मनाई जा रही है।
केंद्रीय मंत्री ने “शहीद बाजी राउत की अमर गाथा : राष्ट्र निर्माण के लिए युवाशक्ति को प्रेरणा” विषय पर राष्ट्रीय छात्र एवं युवा सम्मेलन आयोजित करने का सुझाव दिया। साथ ही विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में सेमिनार, संवाद, प्रदर्शनी, वाद-विवाद, निबंध लेखन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है।
पत्र में कहा गया है कि संस्कृति मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित होने से देशभर के छात्र-युवाओं को एक मंच पर लाने और उनमें मातृभूमि के प्रति जिम्मेदारी की भावना सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।


