नई दिल्ली, 20 फरवरी।
दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) में आयोजित युगांतर वार्षिक प्रबंधन कॉन्क्लेव में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह मौजूद रहे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इंडिया एआई शिखर सम्मेलन भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है और देश अब ‘सॉवरेन एआई’ की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जरूरतमंद देशों की क्षमता बढ़ाने का संकल्प लिया है। उन्होंने एसआरसीसी की शताब्दी और बी-स्कूल की 25 साल की सफल यात्रा को याद करते हुए इसे शैक्षिक उत्कृष्टता की शानदार विरासत बताया। मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को उसकी वास्तविक भावना के साथ लागू करना आवश्यक है और विश्वास जताया कि एसआरसीसी और जीबीओ पाठ्यक्रम अपनी नेतृत्वकारी भूमिका बनाए रखेंगे।
धर्मेंद्र प्रधान ने एसआरसीसी के पूर्व छात्र स्वर्गीय अरुण जेटली को याद किया और छात्रों को बड़े सपने देखने व नवाचार की भावना से प्रेरित रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने छात्रों पर भरोसा जताते हुए कहा कि वे भारत ब्रांड के वैश्विक राजदूत बनेंगे। शिक्षा मंत्री ने यह भी घोषणा की कि ग्लोबल बिजनेस ऑपरेशंस (जीबीओ) पाठ्यक्रम को जल्द ही मास्टर डिग्री प्रोग्राम में परिवर्तित किया जाएगा।
इस अवसर पर डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का कार्यक्रम में शामिल होने के लिए स्वागत और आभार व्यक्त किया।



