नई दिल्ली, 16 फरवरी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को दिल्ली पुलिस के 79वें स्थापना दिवस पर कहा कि नई न्याय संहिताओं के पूर्ण क्रियान्वयन से देश में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और दोषसिद्धि दर 80 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।
शाह ने राजधानी के किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइन्स परेड ग्राउंड में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए उत्कृष्ट पुलिसकर्मियों को मेडल प्रदान किए और उनके साहस, समर्पण व जन सुरक्षा में निभाई जा रही भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की आंतरिक सुरक्षा में पिछले 12 वर्षों में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की गई हैं। कश्मीर, पूर्वोत्तर और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में हिंसा के आंकड़े 80 प्रतिशत तक घट चुके हैं और मार्च तक देश को पूरी तरह नक्सल हिंसा मुक्त किया जाएगा।
अमित शाह ने बताया कि गृह मंत्रालय का ध्यान नारकोटिक्स नियंत्रण, बॉर्डर सुरक्षा के आधुनिकीकरण और नई न्याय संहिताओं के पूर्ण क्रियान्वयन पर रहेगा, जिससे 2029 तक देश इन चुनौतियों से पूरी तरह मुक्त होगा। उन्होंने दिल्ली पुलिस की 10 नई परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जिनमें स्पेशल सेल का इंटीग्रेटेड हेड क्वार्टर और सेफ सिटी प्रोजेक्ट शामिल हैं। स्पेशल सेल केंद्र में आधुनिक इंडोर फायरिंग रेंज, वॉर रूम, साइबर लैब, प्रशिक्षण हॉल और अत्याधुनिक उपकरण होंगे। सेफ सिटी प्रोजेक्ट में 857 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल कम्युनिकेशन और कंप्यूटर सेंटर (सी4आई) तैयार किया गया है, जिसमें 11 जिला स्तरीय सी3आई केंद्र, 75 थाना स्तरीय सी2आई इकाइयां और 10,000 कैमरों का नेटवर्क शामिल है, जिनमें से 2100 कैमरे पहले ही लाइव हो चुके हैं।
गृहमंत्री ने कहा कि दिल्ली पुलिस देश के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राजधानी की सुरक्षा और लोकतंत्र की धड़कन की रक्षा करती है। उन्होंने संसद द्वारा पारित तीन नए आपराधिक कानूनों को भी न्याय केंद्रित व्यवस्था की ओर बड़ा कदम बताया, जिनमें ई-एफआईआर, जीरो एफआईआर, महिलाओं और बच्चों के अपराधों के लिए अलग अध्याय, सामुदायिक सेवा को दंड के रूप में मान्यता और आतंकवाद की परिभाषा जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।



