नई दिल्ली, 25 फरवरी।
इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने स्पष्ट किया है कि द हंड्रेड टूर्नामेंट में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा। हाल ही में आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारत के स्वामित्व वाली कुछ फ्रेंचाइज़ियां राजनीतिक तनाव के कारण पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नजरअंदाज कर सकती हैं।
बीबीसी की रिपोर्ट में कहा गया था कि आठ टीमों वाली इस प्रतियोगिता में शामिल चार भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइज़ियां — मैनचेस्टर सुपर जायंट्स, एमआई लंदन, साउदर्न ब्रेव और सनराइजर्स लीड्स — आगामी नीलामी में पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर विचार नहीं कर रही हैं।
द हंड्रेड के अगले सीजन के लिए 67 पाकिस्तानी खिलाड़ियों (63 पुरुष और 4 महिला) ने पंजीकरण कराया है। ईसीबी ने अपने बयान में कहा कि सभी फ्रेंचाइज़ियां खिलाड़ियों का चयन केवल प्रदर्शन, उपलब्धता और टीम की जरूरतों के आधार पर करेंगी तथा प्रतियोगिता सभी के लिए खुली और समावेशी रहेगी।
कूटनीतिक तनाव के कारण 2009 के बाद से पाकिस्तानी खिलाड़ी आईपीएल में भाग नहीं ले पाए हैं। द हंड्रेड की नीलामी 11 और 12 मार्च को लंदन में होगी।



