लखनऊ, 14 मार्च 2026।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में वन विभाग ने गर्मियों में जंगलों में आग की घटनाओं से बचाव के लिए पूरी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग के आलाधिकारियों से कहा कि अभी से तैयारियां की जाएं ताकि जंगलों में आग की घटनाएं न हों। इसके लिए मुख्यालय से लेकर प्रभागीय और जोनल-मंडलीय स्तर तक नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। प्रदेश मुख्यालय पर कार्यरत अग्नि नियंत्रण सेल 24 घंटे निगरानी कर रहा है।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक प्रभाग, वृत्त, जोन तथा मुख्यालय स्तर पर कुल 116 अग्नि नियंत्रण सेल स्थापित किए गए हैं। ये सेल तीन शिफ्टों में कार्यरत रहेंगे। शिफ्ट समय सुबह छह से दोपहर दो बजे, दोपहर दो बजे से रात 10 बजे और रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक तय किया गया है। सभी रेंजों में सूचनाएं रजिस्टर में पंजीकृत कर तुरंत निदान किया जाएगा।
आग से जुड़ी घटनाओं की सूचना आम नागरिक भी दे सकेंगे। जनपद से प्राप्त सूचनाएं जनपदीय अधिकारी मुख्यालय के नियंत्रण सेल को तुरंत प्रेषित करेंगे। आमजन के लिए लखनऊ में हेल्पलाइन नंबर 0522-2977310, 0522-2204676, 9651368060, 7017112077 जारी किए गए हैं। अन्य जनपदों में भी स्थानीय हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराए गए हैं। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया, देहरादून की वेबसाइट fsi.nic.in पर प्रदेश के 3792 अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन ने वन अग्नि अलर्ट के लिए पंजीकरण कराया है।
अतिसंवेदनशील और मध्य संवेदनशील प्रभागों में विशेष तैयारियां की गई हैं। इनमें चित्रकूट, सोनभद्र, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, कतर्नियाघाट, बहराइच, महराजगंज, दुधवा, उत्तर-ख़ीरी, दक्षिण-ख़ीरी, बलरामपुर, सहारनपुर, बिजनौर, गोंडा, गोरखपुर, मीरजापुर, चंदौली, ललितपुर, बांदा, हमीरपुर, वाराणसी और कैमूर शामिल हैं। इन प्रभागों में फॉरेस्ट फायर मॉक ड्रिल की जा चुकी है। संवेदनशील जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति भी गठित की गई है।
मुख्य वन संरक्षक प्रचार प्रसार अदिति शर्मा ने बताया कि प्रभागीय स्तर पर आग लगने की किसी भी सूचना से मुख्यालय को तुरंत सूचित किया जाएगा। वन क्षेत्र में वन्य जीवों के लिए जल उपलब्ध कराने के लिए पक्के होल बनाए जा रहे हैं और पुराने वाटर होल की मरम्मत कर नियमित जल भरा जा रहा है। साथ ही वाच टावर का निर्माण और पुराने वाच टावर का रखरखाव किया जा रहा है।



