भोपाल, 15 मार्च 2026।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर और जबलपुर की तर्ज पर प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से युवा पीढ़ी को गीता के निष्काम कर्म और भारतीय मूल्यों से जोड़ा जाएगा तथा शोधार्थियों के लिए विशेष संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना को विस्तार देने के लिए 'गीता भवन' परियोजना को अब वृहद स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश के सभी 413 शहरों में इस योजना को लागू करने के लिए वर्ष 2026-27 में 5 वर्षीय कार्ययोजना के तहत 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह परियोजना नगरीय क्षेत्रों में भारतीय दर्शन, कला और साहित्यिक विमर्श के लिए आधुनिक अवसंरचना तैयार करने के उद्देश्य से संचालित होगी।
इंदौर और जबलपुर में निर्मित गीता भवन की सफलता को आधार मानते हुए इस मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। योजना के क्रियान्वयन में चार प्रमुख शहरों रीवा, छिंदवाड़ा, कटनी और खंडवा में ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स को तकनीकी स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, छह नगर निगमों और 100 नगर पालिकाओं में ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई है। शेष 313 नगरीय निकायों में भूमि चिन्हांकन कर जिला कलेक्टरों के माध्यम से आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
प्रत्येक गीता भवन को बहुउद्देश्यीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, सांस्कृतिक एवं वैचारिक आयोजनों के लिए ज्ञान केंद्र, समृद्ध लाइब्रेरी और हाई-टेक ई-लाइब्रेरी शामिल होंगी। इसके अतिरिक्त, व्यावसायिक और जन-सुविधाओं के लिए कैफेटेरिया तथा पुस्तकों और आध्यात्मिक सामग्री के लिए विशेष विक्रय केंद्र बनाए जाएंगे।


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