तेहरान, 10 मार्च।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान की सैन्य कार्रवाई पूरी तरह रक्षात्मक है और इसका उद्देश्य पड़ोसी देशों या आम अमेरिकी नागरिकों को नुकसान पहुंचाना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेहरान केवल उन अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है, जहां से ईरान पर हमले किए जा रहे हैं।
अराघची ने बताया कि पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों से ईरान के खिलाफ अभियान चलाए जा रहे हैं, जिन्हें रोकना ईरान की प्राथमिकता है। उनका कहना था कि ईरान क्षेत्रीय देशों की संप्रभुता और उनके साथ संबंधों का सम्मान करता है, लेकिन यदि किसी देश की जमीन या हवाई क्षेत्र से ईरान पर हमला किया जाता है, तो वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया जा सकता है।
अराघची ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट में यह भी कहा कि ईरान आम अमेरिकी नागरिकों को नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं रखता और अमेरिका के अधिकांश नागरिक महंगे विदेशी युद्धों में शामिल होने के खिलाफ हैं।
उन्होंने तेल की बढ़ती कीमतों, महंगे कर्ज और आर्थिक दबाव के लिए इजराइल और वाशिंगटन के कुछ सहयोगियों को जिम्मेदार ठहराया। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे “ऑपरेशन एपिक मिस्टेक” बताया और कहा कि ईरान अपने तेल और परमाणु ठिकानों के संभावित हमलों के लिए पूरी तरह तैयार है।



